NIA जांच में हथियार बरामद, दिल्ली HC ने आरोपी को जमानत से किया वंचित
नई दिल्ली।
दिल्ली हाई कोर्ट ने बंबीहा गैंग को अवैध हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराने के आरोपी लक्षवीर सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी पर UAPA और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
NIA की जांच में खुलासा
जांच एजेंसी के अनुसार, लक्षवीर सिंह ने बंबीहा गैंग को हथियार और वाहन उपलब्ध कराए ताकि टारगेट किलिंग और आतंकी वारदातों को अंजाम दिया जा सके। फरवरी 2023 में उसके घर पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध हथियार, मैगजीन और गोलियां बरामद की गईं। NIA ने अगस्त 2023 में चार्जशीट दाखिल की थी।
आरोपी पर लगे गंभीर आरोप
NIA ने आरोपी पर UAPA की धारा 18 (आतंकी साजिश), 18B (आतंकी कृत्य के लिए भर्ती), धारा 20 (आतंकी संगठन का सदस्य) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
बचाव पक्ष की दलीलें
आरोपी के वकील ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि गिरफ्तारी अवैध थी और केवल हथियार बरामद होना UAPA अपराध साबित नहीं करता। लेकिन अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी नियमों के अनुरूप हुई थी और आरोपी को गिरफ्तारी के आधार उसकी मातृभाषा में समझाए गए थे।
हाई कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने कहा कि आरोपी के घर से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद होना गंभीर अपराध की ओर इशारा करता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत सुनवाई के दौरान तथ्यों की मिनी ट्रायल नहीं हो सकती।
नतीजा
हाई कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ गंभीर मामला बनता है और वह आतंकी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। इसलिए उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

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