ग्रामीणों ने कीचड़ से सनी सड़क पर लगाया धान
बालोद। धान रोपाई का काम खेतों में होता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ग्रामीणों ने कीचड़ से सनी सड़क पर ही रोपा लगा दिया। दरअसल, मोहलाई गांव में ग्रामीणों ने पक्की सड़क नहीं बनने के विरोध में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि, प्रशासन और पंचायत उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। मोहलाई गांव के अंदर सड़क बनाने के लिए कई बार सरपंच, सचिव, अधिकारी, विधायक जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अब तक सड़क नहीं बनी है। सभी जगह अर्जी लगाए, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। इसलिए पौधा लगाना ही हमने उचित समझा। गांव के हिरवानी साहू ने बताया कि, सड़क पर पानी और कीचड़ की वजह से उनके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने सरपंच से मांग की थी कि अगर सड़क बनाना मुमकिन न हो तो फिलहाल बजरी या मुरुम डालकर ही अस्थाई रूप से समस्या का निराकरण करें। जिससे बच्चों को स्कूल जाने में कोई दिक्कत ना हो। हालांकि इस मामले में सरपंच और अधिकारियों से कोई बातचीत नहीं हो पाई है। धान की फसल लेने के लिए रोपाई एक वह प्रक्रिया है। जिसमें धान के पौधे को खेत में निश्चित दूरी पर लगाया जाता है। इसमें खरपतवार कम होता है और धान की फसल भी अच्छी होती है। इन दिनों काफी प्रचलन में है।

एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड मे, निजी सुरक्षा कर्मियों पर रोक, नए नियम लागू
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
जनसंपर्क अधिकारी पर दबाव और झूठे आरोपों का मामला: रॉयल प्रेस क्लब ने एमपी नगर थाने में दी शिकायत
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास
राज्यसभा में कांग्रेस के भीतर तकरार, खरगे और जयराम रमेश के बीच तीखी बहस
जयपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने 8 महीने की मासूम की हत्या की
धीरेन्द्र शास्त्री की ‘माला-भाला’ नसीहत पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने FIR की मांग उठाई
मनसे नेता देशपांडे ने उद्धव गुट के पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप… बोले- एक-एक करोड़ में बिके
कचरा प्रबंधन नियमों में बार-बार बदलाव से जमीनी हकीकत में सुधार नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट