दो विशाल ब्लैक होल लगा रहे एक-दूसरे के चारों ओर परिक्रमा
वॉशिंगटन । इवेंट होराइजन टेलीस्कोप (ईएचटी) ने ब्रम्हांड में पहली बार दो सुपरमैसिव ब्लैक होल के बीच हो रहे एक हिंसक और जटिल ‘डांस’ को रिकॉर्ड किया है। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह अद्भुत खगोलीय घटना पृथ्वी से लगभग 1.6 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित ओजे287 नामक क्वासर के केंद्र में घटित हो रही है।
इस खोज ने न सिर्फ खगोल विज्ञान की दुनिया में हलचल मचा दी है, बल्कि ब्लैक होल से जुड़ी हमारी अब तक की समझ को भी चुनौती दे दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार ओजे287 क्वासर के केंद्र में दो बेहद विशाल ब्लैक होल एक-दूसरे के चारों ओर परिक्रमा कर रहे हैं। इस खतरनाक गुरुत्वाकर्षणीय खेल के दौरान उनसे अत्यंत शक्तिशाली ऊर्जा की किरणें, जिन्हें जेट कहा जाता है, बाहर की ओर फूट रही हैं। ईएचटी द्वारा दर्ज की गई तस्वीरों और आंकड़ों में इन जेट्स के भीतर एक असामान्य घुमावदार संरचना देखी गई है। ऊर्जा की ये किरणें किसी सीधे रास्ते पर न जाकर सर्पिल या कुंडली की तरह मुड़ती हुई दिखाई दीं, जिसे वैज्ञानिक अब तक कभी इतनी स्पष्टता से नहीं देख पाए थे। इस शोध की सबसे बड़ी उपलब्धि ब्लैक होल जेट के भीतर ‘हेलिकल’ यानी सर्पिल चुंबकीय क्षेत्र की पुष्टि है।
वैज्ञानिकों ने पाया कि जेट्स के भीतर ऊर्जा की लहरें अलग-अलग गति से आगे बढ़ रही हैं। जब ये लहरें एक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र से टकराती हैं, तो उनके बीच अस्थिरता पैदा होती है। इस प्रक्रिया को भौतिकी में ‘केल्विन-हेल्महोल्ट्ज़ अस्थिरता’ कहा जाता है, जो ठीक उसी तरह काम करती है जैसे तेज हवा पानी की सतह पर लहरें बना देती है। इसी कारण ब्लैक होल से निकलने वाली ऊर्जा और रोशनी हमें मुड़ी हुई और घूमती हुई नजर आती है। इवेंट होराइजन टेलीस्कोप की अभूतपूर्व क्षमता ने इस खोज को संभव बनाया। वैज्ञानिकों के मुताबिक ईएचटी इतनी बारीकी से देख सकता है कि मानो चंद्रमा पर रखी एक टेनिस बॉल को पहचान ले। अप्रैल 2017 में केवल पांच दिनों के अंतराल पर ली गई दो तस्वीरों में जेट की संरचना और उसके ध्रुवीकरण में बड़े बदलाव दर्ज किए गए। इतनी कम अवधि में ब्लैक होल के व्यवहार में आए इन परिवर्तनों को पकड़ पाना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
यह खोज पुराने सिद्धांतों पर भी सवाल खड़े करती है। अब तक माना जाता था कि ब्लैक होल जेट्स का घूमना ‘प्रेसेशन मॉडल’ यानी उनकी डगमगाहट के कारण होता है। लेकिन नए अवलोकनों से संकेत मिलता है कि यह घुमाव ब्लैक होल के भीतर चल रही जटिल भौतिक प्रक्रियाओं और चुंबकीय शक्तियों का नतीजा है। जेट के भीतर मौजूद कणों की ऊर्जा चुंबकीय बल से कहीं अधिक शक्तिशाली पाई गई, जिससे इस तरह की अस्थिरता जन्म लेती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज भविष्य में ब्लैक होल की संरचना, उनके विकास और ब्रह्मांड पर उनके प्रभाव को समझने में एक नई दिशा देगी।

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