स्टॉक में आई गिरावट, महंगा हो जाएगा गेहूं
नई दिल्ली । भारत में चावल के बढ़ते भंडार ने जनवरी माह में सबसे ऊंचा स्तर छू लिया है जो देश के निर्यात की गति को तेज करने के लिए एक अवसर प्रदान कर सकता है। चावल के सरकारी भंडार में पहुंची मात्रा सरकार के निर्धारित लक्ष्य से अधिक है, लेकिन इस समय गेहूं की कमी के चलते बाजार में चिंता की स्थिति है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अनुसार चावल के कुल स्टॉक जनवरी तक 60.9 मिलियन टन पहुंच गया है, जबकि निर्धारित लक्ष्य 7.6 मिलियन टन है। इस बढ़ते भंडार के साथ चावल के निर्यात में भी वृद्धि दर्शाई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि चावल की इतनी बड़ी मात्रा का भंडार एक चुनौती पैदा कर सकता है, जबकि गेहूं की सीमित उपलब्धता बाजार में चिंता फैला रही है। गेहूं के स्टॉक 1 जनवरी तक 18.4 मिलियन टन था, जो कि सरकार के लक्ष्य से अधिक है, लेकिन पिछले साल की औसत से काफी कम है। सरकार की ओर से मार्च 2025 तक 2.5 मिलियन टन गेहूं की बेचने की योजना बनाई गई है, जो पिछले साल के मुकाबले कम है। इसके चलते बाजार में गेहूं की कमी महसूस हो रही है। काकीनाड़ा के एक चावल निर्यातक ने बताया कि धान की खरीदारी जारी रहने से भंडारण की समस्या और गंभीर हो सकती है और सरकार को इन चुनौतियों का सामना करना होगा। चावल के भंडार और गेहूं की कमी के बीच संतुलन बनाने की चुनौती सामने खड़ी है। इस असंतुलन को देखते हुए सरकार को कठोर कदम उठाने होंगे ताकि गेहूं की पुनः उपलब्धता में सुधार हो सके और बाजार को स्थिरता मिले।

धार्मिक तैयारियां शुरू: मद्महेश्वर और तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि कल तय, डीएम रहेंगे मौजूद
डिप्टी स्पीकर पद खाली रहने पर विपक्ष का सरकार पर निशाना
केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने मौके पर पहुंचकर परखी व्यवस्थाएं
असम के मुख्यमंत्री पर राहुल गांधी का तीखा वार, कहा- सबसे भ्रष्ट नेताओं में एक
बिहार में राजनीतिक हलचल: 15 तारीख को नए सीएम का शपथ ग्रहण, प्रधानमंत्री की मौजूदगी की चर्चा
मामले में अदालत का अहम हस्तक्षेप, गिरफ्तारी पर ब्रेक
ट्रैफिक नियमों का सख्त संदेश, दुर्ग में बड़ी कार्रवाई
श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन, नोएडा में हिंसा—5 वाहन जलाए, दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर
स्पिन के साथ पेस का ट्विस्ट, क्रुणाल की स्मार्ट रणनीति