अहिल्याबाई की 300वीं जयंती:
देवी अहिल्याबाई ने समाज में नारी शक्ति, और सुशासन की मिसाल पेश की:टेटवाल
महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वरोजगार पर आयोजित व्याख्यान में बोले राज्यमंत्री गौतम टेटवाल
सारंगपुर।
लोकमाता देवी अहिल्याबाई ने समाज में नारी शक्ति, न्यायप्रियता, और सुशासन की मिसाल पेश की। उन्होंने विधवा पुनर्विवाह और अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित कर सामाजिक सुधार में अग्रणी भूमिका निभाई। अहिल्याबाई ने जल, जंगल और जमीन की महत्ता को समझते हुए कुंओं, बावडियों और वृक्षारोपण को बढावा दिया। उनका शासन हर हाथ को काम, हर खेत को पानी की भावना पर आधारित था। यह उद्गार होलकर वंश की पुण्यश्लोक राजमाता से लोकमाता बनीं देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर सारंगपुर के राठी मांगलिक परिसर में महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वरोजगार पर आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मप्र शासन के कौशल विकास राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने कही। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं देवी अहिल्याबाई के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। अतिथियों का पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया और इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देवी अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिकाएं और गीत प्रस्तुत किए। उनके कार्यों पर केंद्रित वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे दर्शकों ने सराहना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवी अहिल्याबाई की सोच से प्रेरित होकर आत्मनिर्भर भारत और स्वावलंबी मध्यप्रदेश के निर्माण में जुटे हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, लाडली बहना योजना और सीएम स्टार्टअप चैलेंज जैसी योजनाएं महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में सक्षम बना रही हैं।
स्वावलंबन का प्रतीक बनीं अहिल्याबाई
श्रीटेटवाल ने कहा कि देवी अहिल्याबाई का जीवन आत्मनिर्भरता और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, रोजगार और सम्मान पहुँचाया। आज जब सरकारें जमीनी स्तर पर स्वरोजगार योजनाएं लागू कर रही हैं, तो यह अहिल्याबाई की दूरदर्शी सोच को आधुनिक युग में साकार करने जैसा है। हम सौभाग्यशाली हैं की  प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय मोहन यादवजी ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदाय कर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोडने के लिए इंदौर में संपन्ना कैबिनेट बैठक में  देवी अहिल्याबाई कौशल प्रशिक्षण योजना का अनुमोदन दिया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद रोडमल नागर ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई ने अपने कुशल नेतृत्व से नारी सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके शासनकाल में सभी को समान न्याय मिलता था। इसी कारण उन्हें न्याय की देवी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अहिल्याबाई की धार्मिक आस्था और दानशीलता का जिक्र किया और कि भारत के सभी ज्योतिर्लिंगों का पुनर्निर्माण करवाया था। हमें लोकमाता से प्रेरणा लेकर समाज हित में काम करना चाहिए। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर ने अहिल्याबाई के लोक कल्याण कार्यों का विवरण दिया। उन्होंने मंदिर, सडक, यात्री प्रतीक्षालय और घाटों का निर्माण करवाया। साथ ही नारी शिक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सविता शर्मा दीवान, सांसद रोडमल नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष ज्ञान सिंह, पूर्व विधायक कुंवरजी कोठार, नपा उपाध्यक्ष पंकज पालीवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता निर्मल जैन एवं पीएस मंडलोई, मातृशक्ति प्रभारी नीलम सक्सेना, सह प्रभारी भावना वर्मा, मंडल अध्यक्ष महेश पुष्पद, मनोहर सिंह परमार, विकास दीक्षित, विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र गुर्जर, सरपंच महेश जाट, महेश गुर्जर, कमल राठौर, कैलाश नागर, कुलदीप राठौर, विनोद पाटीदार, हिउस अध्यक्ष डा. धु्रव भल्ला पदाधिकारीगण सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी एवं बडी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
धनगर समाज ने सौंपा ज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय धनगर समाज ने अध्यक्ष ओम प्रकाश धनगर एवं अनिल धनगर एवं संतोष धनगर के नेतृत्व में राज्यमंत्री गौतम टेटवाल को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान समाजजनों ने समाज की धर्मशाला निर्माण हेतु मांग की। वहीं देवीअहिल्या बाई की प्रतिमा शहर में स्थापित करने की मांग रखी गई। इस दौरान उन्होंने समाज के उत्थान के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया और जल्द ही प्रतिमा लगवाने का आश्वास दिया।