9 माह बाद भी निजी सेंटरों में शुरू नहीं हुई निःशुल्क सोनोग्राफी की व्यवस्था जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सारंगपुर, पचोर के निजी सोनोग्राफी सेंटरों का हुआ था पंजीयन
मनमानी की हद : 9 माह बाद भी निजी सेंटरों में शुरू नहीं हुई निःशुल्क सोनोग्राफी की व्यवस्था
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सारंगपुर, पचोर के निजी सोनोग्राफी सेंटरों का हुआ था पंजीयन
सारंगपुर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सिर चढ़कर बोल रही है। प्रदेश सरकार द्वारा लागू किये गए जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम का लाभ आठ माह बाद भी सारंगपुर, पचोर की गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण अंचलों से तहसील मुख्यालय आने वाली गरीब महिलाओं को अभी भी शुल्क देकर निजी सोनोग्राफी सेंटरों में सोनोग्राफी कराना पड़ रहा है। जबकि सारंगपुर व पचोर क्षेत्र के एक एक निजी सेंटर इसके लिए पंजीकृत किये जा चुके हैं, जिम्मेदारों को यहां सोनोग्राफी के लिए गर्भवती महिलाओं को रेफर करना है, लेकिन अभी तक एक भी गर्भवती महिला को रेफर नहीं किया जा सका है। विभागीय अधिकारियों की माने तो शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा योजना के तहत ब्लॉक मुख्यालय के दो सोनोग्राफी सेंटरों का पंजीयन करने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण सहित योजना की जानकारी से भी अवगत कराया जा चुका है। लेकिन अभी ग्रामीण अंचलों की गर्भवती महिलाओं निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए इन सेंटरों में रेफर करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
शासन की ओर से 500 रुपए का भुगतान :
विभागीय जानकारी अनुसार निजी सोनोग्राफी सेंटरों द्वारा निःशुल्क सोनोग्राफी के एवज में प्रति केस 500 रुपए का भुगतान शासन की ओर से निर्धारित किया गया है। यह राशि उन्हीं केसों में निजी सेंटरों को भुगतान की जाएगी, जो सरकारी अस्पताल से रेफर किये जाएंगे।
सिविल अस्पताल के अलावा कही नहीं व्यवस्था :
शासन द्वारा यह योजना बीते वर्ष 9 अगस्त को शुरू की गई थी। इस योजना के तहत जिन शासकीय अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सोनोग्राफी व्यवस्था नहीं है, वहां सोनोग्राफी की आवश्यकता वाली गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए सीधे निजी सोनोग्राफी सेंटर में निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए रेफर किया जाना था। शहर में सिविल अस्पताल के अलावा कहीं भी सोनाग्राफी की व्यवस्था नहीं है। केवल सिविल अस्पताल में ही सोनोग्राफी की व्यवस्था बनाई गई है, लेकिन वह भी नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। अस्पताल में भी केवल दो दिन ही सोनोग्राफी किया जाना निर्धारित किया गया है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी को निजी सेंटरों में शुल्क देकर सोनोग्राफी कराना मजबूरी बनी हुई है।
ये सेंटर पंजीकृत :
सोनोग्राफी के लिए विधानसभा क्षेत्र में निजी स्तर पर केवल दो ही सेंटर हैं, जिसमें कृष्णा सोनोग्राफी सेंटर सारंगपुर व नर्मदा सोनोग्राफी सेंटर पचोर शामिल है। इन दोनों ही सेंटरों का पंजीयन योजना के तहत निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा चुका है। यहां निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए माह के दो दिन अलग अलग तारीख के हिसाब से निर्धारित की गए है। इसी निर्धारित तिथि पर निजी सेंटरों में निःशुल्क सोनोग्राफी की व्यवस्था रहेगी। लेकिन सूत्रों को माने तो अभी तक एक भी केस निजी सेंटरों में नहीं भेजे गए हैं।
जांच कराएंगे
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं का निजी सेंटरों में सोनोग्राफी के लिए पंजीयन हो चुका है। लेकिन शायद अभी केस रेफर नहीं हो पा रहे हैं। केस क्यों रेफर नहीं हो रहे है इसकी जानकारी में अभी लेती हुं, जल्द ही इसका निराकरण कर योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।
डॉ. किरण वाडिया, सीएमएचओ राजगढ़

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