ब्रिटिश काल के कालीसिंध पुल साढ़े तीन वर्ष बाद भी नहीं लग सके हाइट गेट दोनो छोर पर खंबे खड़े कर भूले जिम्मेदार: नतीजा भारी वाहनों से पुल पर लग रहा जाम।
ब्रिटिश काल के कालीसिंध पुल साढ़े तीन वर्ष बाद भी नहीं लग सके हाइट गेट
दोनो छोर पर खंबे खड़े कर भूले जिम्मेदार: नतीजा भारी वाहनों से पुल पर लग रहा जाम।
न्यूज, सारंगपुर।
नगरीय सीमा से निकली कालीसिंध नदी के 90 वर्ष से ज्यादा पुराने पुल की सुरक्षा के लिए जरूरी प्रयास इस वर्ष भी पूरे नहीं हो सके। दरअसल पूरी तरह जर्जर हो चुके इस पुल से अब भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। इससे पुल की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। ऐसे में इन भारी वाहनों की रोकथाम के करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व पुल के दोनों ओर हाइट गेट लगाने का निर्णय हुआ था। एसडीएम द्वारा दोनों और रेलिंग वाले हाइट गेट लगाने के निर्देश दिए गए थे। दो वर्ष पहले पुल पर इसका काम भी शुरू हुआ था। लेकिन कार्य पुरा होने के पहले ही लोहे के पिलर को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा क्षति ग्रस्त कर आडा तिरछा कर दिया गया। इसके बाद इनके सुधार पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि हाइट गेट लगाने के आदेश के बाद वर्षो गुजर गए है और इसके बावजूद अब तक इसका काम पूरा नहीं हो पाया है।
जर्जर है पुल वाहन निकालना मुश्किल
ब्रिटिश शासन काल में बना यह पुल आवागमन की दृष्टि से सालों पूर्व ही अमान्य हो चुका है। इसके बावजूद अब भी यह न सिर्फ शहरी वाहन बल्कि बड़े और भारी भरकम भी निकल रहें है। पुल पर तो इतने गड्ढे है यहां बिना परेशानी के वाहन निकालना तक मुश्किल है। वहीं पुल के दोनों ओ सालों से मौजूद गड्ढो का न तो सुधार हो रहा न इस पर से आवागमन रुक रहा।
सिर्फ छोटे वाहनों के लिए थी योजना
पुल के दोनों छोर 13 फीट ऊंचाई के गेट लगाने का निर्णय लिया गया था। ताकि पुल से छोटे वाहनों के अलावा अन्य वाहन प्रवेश ही नहीं कर सके। तत्कालीन एसडीएम द्वारा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को यह आदेश दिए गए थे। विभाग ने इस आदेश की पूर्ति के लिए पुल के दोनों छोर पर लोहे के पोल भी लगा दिए थे। लेकिन बाद में राजनीतिक दबाब के कारण यह काम ठंडे बस्ते में डाल दिया या।
रोक के बावजूद पुल पर से निकलते हैं भारी वाहन
इंदौर से गुना की आने-जाने वाले भारी वाहन व चार पहिया वाहन तो बायपास होकर जा रहे है, लेकिन शहर के मुख्य बसस्टैंड पर आने वाली यात्री बसें और शहर में माल लेकर आने वाले भारी वाहन अब भी इसी पुल से होकर गुजरते हैं। इधर राजस्थान जाने के लिए संडावता मार्ग पर जाने के लिए भी इस पुल से होकर गुजरना सबसे सुलभ है, यात्री बसें तथा आगर रोड जो पुल के समीप से निकला है उस मार्ग के वाहन पुल से होकर नगर से निकल रहे हैं। वही टोल टैक्स बचाने के लिए संडावता रोड से होकर गुजरने वाले भारी वाहन भी इसी पुल से बेरोकटोक निकल रहे है।
अक्टूबर 2021 में हुआ था निर्णय
दरअसल सारंगपुर तहसील के वीसी कक्ष में अक्टूबर 2021 में आयोजित हुई ब्लाक स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक के दौरान सारंगपुर में यातायात व्यवस्था एवं दुर्घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए हाईट गेज लगाने के संबध में निर्णय लिया गया था। तत्कालीन विधायक कुंवरजी कोठार एवं तत्कालीन एसडीएम आरएम त्रिपाठी की उपस्थिति में यह तय हुआ था कि कालीसिंध नदी के पुल के दोनो किनारों पर बस की हाईट के बराबर हाईट गेज लगाए जाएंगे, ताकि ऊंचे एवं भारी माल वाहक ट्रकों को यह से आवागमन न हो। इसके पश्चात संडावता की ओर से आने वाले वाहनों के संबध मे संडावता नाके पर बस हाईट एवं प्याज के ट्रक की हाईट के बराबर हाईट गेज लगाया जाने के संबंध में लोक निर्माण विभाग सारंगपुर एसडीओ दीपक कुमार को निर्देशित किया था कि कि वह बस एवं ट्रक की हाईट की लंबाई नापकर हाईट गेट लगाए जाने की कार्रवाई करें।
बोले जिम्मेदार
पूर्व में हमने दोनो छोर पर हाइट गेट लगाए थे, जिन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया। अब हम स्थानीय वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर हाइट गेट को लेकर जरुरी कदम उठाए जाएंगे।
दीपक कुमार, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, सारंगपुर।
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