सारंगपुर में 'अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया धीमी: 64432 से ज्यादा का टारगेट, 30 फीसदी ही बन पाई, आधार में गलतियां देरी की मुख्य वजह।
सारंगपुर में 'अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया धीमी:
64432 से ज्यादा का टारगेट, 30 फीसदी ही बन पाई, आधार में गलतियां देरी की मुख्य वजह।
सारंगपुर।
सारंगपुर में विद्यार्थियों के लिए बनाई जा रही 'ऑटोमैटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी निर्माण की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चल रही है। विकासखंड की करीब 444 सरकारी और गैर सरकारी शालाओं में 64432 विद्यार्थियों की अपार आईडी बननी है, लेकिन अब तक केवल 19486 आईडी ही जनरेट हो पाई, 30 फीसदी ही बन पाई हैं। इस प्रक्रिया में सबसे बडी समस्या आधार कार्ड में मौजूद छोटी-छोटी त्रुटियों की है। कई मामलों में विद्यार्थियों के नाम की वर्तनी अन्य दस्तावेजों से मेल नहीं खाती, सरनेम गायब है, या फिर पते में विसंगतियां हैं। इन समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों को तैयार करने में हफ्तों का समय लग रहा है।
थंब प्रिंट मिलान में हो रही समस्याएं
मजदूर वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए ये प्रक्रिया और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है, क्योंकि उनके अभिभावक समय नहीं निकाल पा रहे हैं। इसके अलावा कई विद्यार्थियों के थंब प्रिंट का मिलान भी नहीं हो पा रहा है, क्योंकि समग्र आईडी और बैंक खातों में सरनेम मौजूद है, लेकिन आधार में ये नहीं है।
धीमी गति के कारण नहीं हो रहा समाधान
आधार सुधार केंद्रों की कमी भी इस प्रक्रिया को और जटिल बना रही है। पहले स्कूली मार्कशीट के आधार पर सुधार किया जाता था, लेकिन अब ये प्रक्रिया और कठिन हो गई है। बीआरसी, बीईओ और स्कूल प्रबंधन लगातार इस समस्या के समाधान में जुटे हैं, लेकिन गति बहुत धीमी है।
15 स्कूलों ने शुरु नहीं किया अपार आइडी बनाने का काम, होगी कार्रवाई
अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चलने के अलावा ब्लाक में कई स्कूलों की बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है, जिसमें अभी तक उन्हें यहां अध्ययनरत एक भी बच्चें की अपार आइडी बनाने का काम नहीं किया गया है। ब्लाक में ऐसे करीब 15 स्कूल है जहां पर अभी तक एक भी अपार आइडी जनरेट नहीं हुई है, जबकि इन पंद्रह स्कूलों में करीब 417 अपार आइडी बननी है। इन स्कूलो में पीएस चाकरोद, एसएसएम काचरियाभाई, इंडियन पब्लिक स्कूल, तालिमुल इस्लाम अमनखेल, एमएस कालियाखेडी, पीएस टोलिघाटा, काजी आकिल हुसैन मेमोरियल, पीएस बरुखेडी, सरस्वती शिशु मंदिर पीएस, एसएसएम ब्यावरामांडू, मदरसा इल्मिया मुमताज, मोहम्मदी मोहल्ला काजीवाड़ा, सरस्वती शिशु मंदिर झिरी, डिसेंट पब्लिक स्कूल, एमएस श्री गीतांजलि एडीवी लर्निंग एंड इंटरेक्टिव शामिल है। बीआरसी बीएल वर्मा ने कहा कि जिन स्कूलों ने कार्य में लापरवाही की है उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट फाइल-
अपार आइडी बनाने का लक्ष्य-64432
अपार आइडी जनरेट-19486
ब्लाक में कुल शालाएं-444
बोले जिम्मेदार
अपार आइडी बनाने का काम स्कूलों में चल रहा है, जिसकी मानीटरिंग भी हमारे द्वारा सतत् रुप से की जा रही है। इस प्रक्रिया में सबसे बडी समस्या आधार कार्ड में मौजूद छोटी-छोटी त्रुटियों की है। कई मामलों में विद्यार्थियों के नाम की वर्तनी अन्य दस्तावेजों से मेल नहीं खाती, सरनेम गायब है, या फिर पते में विसंगतियां हैं। इन समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों को तैयार करने में समय लग रहा है।
बीएल सूर्यवंशी, बीईओ, सारंगपुर।

राघव चड्ढा ने संसद में उठाया ‘राइट टू रिकॉल’ का मुद्दा” जानिए किन देशों में लागू है यह व्यवस्था?
रीवा आ रहे नव सेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, इन प्रोग्राम्स में होंगे शामिल
'विशेषाधिकार' प्रस्ताव के सवाल पर मीडिया पर भड़के राहुल गांधी, लगाये गंभीर आरोप
विदिशा में बारातियों से भरी कार हादसे का शिकार, 3 लोगों की मौत, 7 गंभीर घायल
10वीं की परीक्षा आज से शुरू! एग्जाम हॉल में घुसने से पहले छात्र जरूर पढ़ें ये 5 जरूरी नियम, वरना हो सकती है परेशानी
BJP ने असम–पश्चिम बंगाल चुनाव में छत्तीसगढ़ नेताओं को सौंपी अहम जिम्मेदारी