जिले में लाखों वाहन रजिस्टर्ड, ड्राइविंग लायसेंस आधों के पास भी नहीं।बगैर लाइसेंस सड़कों पर दौड़ा रहे हैं वाहन।
जिले में लाखों वाहन रजिस्टर्ड, ड्राइविंग लायसेंस आधों के पास भी नहीं।बगैर लाइसेंस सड़कों पर दौड़ा रहे हैं वाहन।
राजगढ़//
डीजल, पेट्रोल या बैटरी से चलने वाले प्रत्येक वाहन के चालक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना कानूनन अनिवार्य किया गया है। यानी यदि आप वाहन चला रहे है, तो आपके पास राज्य सरकार के परिवहन विभाग द्वारा अधिकृत ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। इसके अभाव में आप पर जुर्माना और सजा का भी प्रावधान है। पुलिस और परिवहन विभाग को बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने वाले लोगों पर कार्रवाई का अधिकार प्राप्त है। विभागीय जानकारों की माने तो जिले के शहरों और ग्रामीण क्षेत्र में हर दूसरा वाहन चालक बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चला रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सारंगपुर शहर सहित जिले की अन्य तहसीलों में लगभग 2 लाख से अधिक लोग वाहन चालाक है, लेकिन वही मात्र 1 लाख 10 हजार लोगों के लाइसेंस बने है। बिना लाइसेंस ड्राइविंग करने वाले अपनी जान के साथ दूसरों की जान भी ले रहे हैं। पूर्व में पुलिस ने बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने वालों पर धारा 129 के तहत 10 माह में दोपहिया वाहन चालकों के चालान काटे।
बड़ रही एक्सीडेंट की संख्या :
विना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने वाले लोगों के एक्सीडेंट ज्यादा होते हैं। साथ ही दुर्घटना के बाद उन पर ज्यादा केस दर्ज होते हैं। इंश्योरेंस आदि के मामलों में भी ऐसे लोगों की कहीं सुनवाई नहीं हो सकती है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी योगेंद्र मरावी के अनुसार बिना लाइसेंस के वाहन चलाते पकड़े गए तो इसमें जुर्माने का प्रावधान है। जुमनि की राशि 1000 से 8000 रुपए तक है। बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने पर 300, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने पर 500 रुपए का चालान काटकर जुर्माना वसूला जाता है।
कागजों में सख्त हैं कानून :
बगैर लाइसेंस के गाड़ी चलाने और दुर्घटना करने पर सजा के नियम भारतीय कानून में काफी सख्त है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। यदि ऐसे वाहन चालक से एक्सीडेंट हो जाता है और इसमें किसी को चोट या मृत्यु होती है, तो सजा और कड़ी हो सकती है।
नियमों पर नजर :
बिना लाइसेंस ड्राइविंग पर जुर्माना 5000 रु. तक और 3 महीने की जेल हो सकती है।
यदि दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगती है, तो आईपीसी की धारा 279, 337 और 338 के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें 6 महीने से 2 साल तक की सजा या जुर्माना (या दोनों) हो सकते हैं।
दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत कार्रवाई होगी। इसमें 2 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।
वाहन का इंश्योरेंस भी वैध नहीं माना जाएगा, जिससे मुआवजे का भुगतान भी वाहन चालक को करना पड़ सकता है।

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