सोना और चांदी के भाव में तेजी
नई दिल्ली। सोने-चांदी के वायदा भाव में शुक्रवार को तेजी देखी जा रही है। शुक्रवार को दोनों के वायदा भाव तेजी के साथ खुले। सोने के वायदा भाव 76,250 रुपये के करीब, जबकि चांदी के वायदा भाव 89,000 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे। वैश्विक बाजार में सोने-चांदी की वायदा कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। सोने के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का बेंचमार्क दिसंबर कॉन्ट्रेक्ट 610 रुपये की तेजी के साथ 76,334 रुपये के भाव पर खुला। सोने के वायदा भाव ने इस साल 79,775 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था। चांदी के वायदा भाव की शुरुआत भी तेज रही। एमसीएक्स पर चांदी का बेंचमार्क दिसंबर कॉन्ट्रेक्ट 697 रुपये की तेजी के साथ 88,699 रुपये पर खुला। इस समय यह 988 रुपये की तेजी के साथ 88,990 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक बाजार में सोने-चांदी के वायदा भाव में तेजी देखने को मिल रही है। कॉमेक्स पर सोना 2,636.39 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 2,639.90 डॉलर प्रति औंस था। इस समय यह 18.20 डॉलर की तेजी के साथ 2,658.10 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। कॉमेक्स पर चांदी के वायदा भाव 30.13 डॉलर के भाव पर खुले, पिछला बंद भाव 30.11 डॉलर था। इस समय यह 0.55 डॉलर की तेजी के साथ 30.66 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था।

PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
विकास का दम: छिंदवाड़ा ने बनाई अलग पहचान, पीएम की गुड लिस्ट में पहला स्थान
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?