महानदी से धड़ल्ले से रेत तस्करी, कमजोर हो रही पुल की नींव
बलरामपुर: महान नदी पर रेत माफिया का कब्जा, खतरे में करोड़ों का पुल और नदी का अस्तित्व
राजपुर (बलरामपुर): छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में प्रशासनिक ढिलाई का फायदा उठाकर रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। राजपुर जनपद पंचायत के धंधापुर ग्राम पंचायत से गुजरने वाली महान नदी पर माफिया ने पूरी तरह कब्जा कर लिया है। सुबह 5:00 बजे से ही सैकड़ों ट्रैक्टर और भारी वाहन नदी के सीने को चीरकर रेत की तस्करी शुरू कर देते हैं, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहती है।
प्रतिदिन लाखों की तस्करी, करोड़ों का काला कारोबार
धंधापुर के महान नदी घाट से निकाली गई अवैध रेत न केवल स्थानीय क्षेत्रों बल्कि अंबिकापुर तक भेजी जा रही है।
-
सक्रियता: प्रतिदिन बरियों, आरा, धौरपुर और लूड्रा जैसे इलाकों में करीब 200 वाहनों के जरिए रेत की निकासी की जा रही है।
-
अवैध कमाई: रोजाना लगभग 5 लाख रुपये की रेत तस्करी हो रही है। अनुमान है कि छिंदियाडांड घाट से पूरे गर्मी के सीजन में 8 से 10 करोड़ रुपये की अवैध रेत निकाली जाती है। इतने बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध उत्खनन के बावजूद खनिज और राजस्व विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
पुलिस और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि माफिया सरकारी निर्माण कार्यों और प्रधानमंत्री आवास योजना की आड़ में अवैध खनन कर उसे ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग से हर घंटे दर्जनों अवैध रेत लदे वाहन गुजरते हैं, लेकिन खड़गवा पुलिस और सूरजपुर जिले का प्रशासनिक अमला कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। चर्चा है कि माफिया की कुछ पुलिसकर्मियों के साथ "सेटिंग" की वजह से यह काला धंधा बेखौफ फल-फूल रहा है।
खतरे में 10 करोड़ की लागत से बना पुल
अंधाधुंध अवैध खनन का सबसे बुरा असर महान नदी पर बने पुल पर पड़ रहा है। करीब 5 साल पहले 10 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल के खंभे (पीलर) अब कमजोर होने लगे हैं।
-
क्षति: अत्यधिक खनन के कारण पीलर का लगभग 5 फीट हिस्सा जमीन से बाहर आ गया है।
-
खतरा: भारी वाहनों के गुजरने पर अब पुल में कंपन महसूस होने लगा है। लोक निर्माण विभाग के सेतु संभाग की चुप्पी भविष्य में किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
प्रशासन का पक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजपुर SDM देवेंद्र प्रधान ने सख्त रुख अपनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम गठित कर रेत तस्करी पर नकेल कसी जाएगी। उन्होंने माफियाओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए जल्द ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

NEET पेपर लीक पर सिंधिया का जवाब, दतिया उपचुनाव में BJP की जीत का किया दावा
वैभव सूर्यवंशी के वायरल सेलिब्रेशन का सच आया सामने, खुद किया खुलासा
विदेश में भारतीय मजदूर की हत्या, इजरायली नागरिक पर लगा आरोप
लॉ ग्रेजुएट्स के लिए खुशखबरी! भारतीय सेना में अधिकारी बनने का शानदार अवसर
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उछाल, रोजगार और कारोबार के लिए खुल रहे नए द्वार
पावर बैंक ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी, मॉस्को की इन्फ्लुएंसर अन्ना अस्पताल पहुंचीं
मुद्दों को लेकर विपक्ष आक्रामक, लोकसभा 27 जुलाई तक के लिए स्थगित
करोड़ों के बजट पर CAG का शिकंजा, अप्रयुक्त राशि को लेकर उठे सवाल
बर्खास्तगी के अगले दिन जेल पहुंचा संविदा शिक्षक, नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप
वन विभाग के रेस्क्यू में मिला दुर्लभ ल्यूसिस्टिक करैत, विशेषज्ञ भी हुए हैरान