पीएम मोदी ने शी जिनपिंग से की मुलाकात, संबंधों को आगे बढ़ाने पर दिया जोर
बीजिंग। भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद के साथ, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए दो दिवसीय यात्रा पर चीन गए पीएम मोदी ने रविवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। शी जिनपिंग के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल कज़ान में उनकी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई थी जिसने भारत-चीन संबंधों को सकारात्मक दिशा दी।
उन्होंने कहा कि सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद, शांति और स्थिरता का माहौल बना है। सीमा प्रबंधन को लेकर भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच एक समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी बहाल की जा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित उनके सहयोग से जुड़े हैं और यह पूरी मानवता के कल्याण में योगदान देगा। उन्होंने आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
बता दें व्यापार और शुल्क संबंधी अमेरिकी नीतियों के कारण भारत एवं अमेरिका के संबंधों में अचानक गिरावट आई है। ऐसे में भारत एवं चीन के नेताओं के बीच यह मुलाकात महत्व रखती है। मोदी और शी रविवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर मिलेंगे। सूत्रों ने संकेत दिया है कि चर्चा के लिए मुद्दों की व्यापकता को देखते हुए वे दिन में बाद में दोबारा भी मुलाकात कर सकते हैं। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात अक्टूबर में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। सोमवार को भारत रवाना होने से पहले पीएम मोदी के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मिलने की संभावना है।
चीन द्वारा आयोजित ‘एससीओ प्लस’ शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के 20 नेता भाग ले रहे हैं। चीन इस साल रूस, भारत, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और चीन के 10 सदस्यीय समूह का अध्यक्ष है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। यहां पहुंचे नेताओं में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू शामिल हैं। नेताओं का शिखर सम्मेलन सोमवार को होगा।
चीन के सहायक विदेश मंत्री लियू बिन ने कहा था कि एससीओ का अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन इस वर्ष चीन में राष्ट्राध्यक्षों और घरेलू कूटनीति के सबसे अहम आयोजनों में से एक होगा। उन्होंने कहा था कि शिखर सम्मेलन में अपने मुख्य भाषण में शी चिनफिंग ‘‘शंघाई भावना’’ को आगे बढ़ाने और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए एससीओ के लिए चीन के नए दृष्टिकोण एवं प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

इरादों की स्याही से किशन जंगम ने लिखी सफलता की नई इबारत
स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 की तैयारियां प्रारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना में 204 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 22 विकास कार्यों की देंगे सौगात
संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला