नेपाली कांग्रेस में तीसरी बार हुई तोड़फोड़, गगन थापा बने नए अध्यक्ष
काठमांडू। नेपाली राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब देश की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस औपचारिक रूप से तीसरी बार दो हिस्सों में बंट गई। पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और महासचिव गगन थापा तथा विश्व प्रकाश शर्मा के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद विभाजन तय हो गया। इसी क्रम में आयोजित विशेष सम्मेलन में गगन थापा को सर्वसम्मति से नेपाली कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुन लिया गया। 49 वर्षीय गगन थापा को पार्टी में एक युवा और सुधारवादी चेहरे के रूप में देखा जाता है। वरिष्ठ नेताओं के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए वह इकलौते उम्मीदवार थे, इसलिए औपचारिक चुनाव की आवश्यकता नहीं पड़ी। पार्टी के भीतर मतभेद उस समय और गहरे हो गए, जब गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा ने शेर बहादुर देउबा से अध्यक्ष पद छोड़ने और आगामी संसदीय चुनाव न लड़ने की मांग की। दोनों नेताओं का तर्क था कि यह कदम सितंबर में हुए युवा आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले जेन-जी युवाओं की भावनाओं के सम्मान में जरूरी है। जेन-जी वह पीढ़ी मानी जाती है जो तकनीक और सोशल मीडिया के साथ बड़ी हुई है और राजनीति में सक्रिय भूमिका चाहती है।
नेपाली कांग्रेस का यह विभाजन पार्टी के इतिहास में तीसरी बार हुआ है। इससे पहले 1953 में बिश्वेश्वर प्रसाद कोइराला और मातृका प्रसाद कोइराला के बीच मतभेदों के कारण पार्टी टूटी थी। दूसरी बार 2002 में माओवादी विद्रोह के दौर में प्रतिनिधि सभा भंग किए जाने के बाद पार्टी विभाजित हुई थी। मौजूदा टूट को पार्टी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब देश में राजनीतिक अस्थिरता पहले से मौजूद है।विशेष सम्मेलन को संबोधित करते हुए गगन थापा ने कहा कि अब नेपाली कांग्रेस को अपना चेहरा और सोच दोनों बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी उस सरकार का हिस्सा रही है जिसने के पी शर्मा ओली के नेतृत्व में युवाओं के आंदोलन को दबाने की कोशिश की, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हुआ। थापा के अनुसार, यदि पार्टी को दोबारा जनता का विश्वास हासिल करना है तो नए नेतृत्व और नई राजनीतिक दिशा के साथ आगे बढ़ना होगा। इसके जवाब में शर्मा ने कहा कि विशेष सम्मेलन ने इस निष्कासन को खारिज कर दिया है और असली पार्टी वही है, जिसे सम्मेलन का समर्थन प्राप्त है। गगन थापा ने दावा किया कि उनके गुट को 60 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल है और उन्होंने देउबा के नेतृत्व वाली केंद्रीय समिति को भंग करने की भी घोषणा की।

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