पूर्व पीएम के पोते प्रज्वल रेवन्ना को उम्रकैद की सजा
3 हजार सेक्स क्लिप से खुला मामला, फॉरेंसिक रिपोर्ट बनी निर्णायक , SIT ने पेश की 2000 पन्नों की चार्जशीट, 123 सबूतों के आधार पर सुनाई गई सजा
बेंगलुरु।
जनता दल सेक्युलर (JDS) नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के गंभीर मामले में अदालत ने उम्रकैद की सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया है। यह फैसला शनिवार को बेंगलुरु की विशेष अदालत ने सुनाया। रेवन्ना को एक दिन पहले दोषी करार दिया गया था।
सजा सुनते ही फूट-फूटकर रोने लगे प्रज्वल
न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने आईपीसी की धारा 376(2)(एन) और 376(2)(के) के तहत रेवन्ना को दो आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जो मृत्यु तक चलेगी। कोर्ट ने कुल 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसमें से 7 लाख रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। सजा सुनाए जाते वक्त रेवन्ना हाथ जोड़कर खड़े थे और रोने लगे।
सेक्स क्लिप वायरल होने से खुला मामला
यह मामला तब सामने आया जब 24 अप्रैल 2024 को हासन स्टेडियम में कई पेन ड्राइव पड़ी मिलीं, जिनमें प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े करीब 3 हजार आपत्तिजनक वीडियो क्लिप थे। वीडियो वायरल होते ही पूरे राज्य और देश में हलचल मच गई थी।
फोरेंसिक रिपोर्ट ने किया बलात्कार की पुष्टि
मुकदमे के दौरान पीड़िता ने एक साड़ी साक्ष्य के रूप में पेश की, जिसमें फोरेंसिक जांच में शुक्राणु की पुष्टि हुई। यह सबूत बलात्कार की पुष्टि में निर्णायक साबित हुआ।
SIT ने 2000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की
31 दिसंबर 2024 को मामला दर्ज होने के बाद, सीआईडी की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इंस्पेक्टर शोभा के नेतृत्व में 123 सबूत एकत्र किए और 2000 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की। मुकदमे के दौरान 23 गवाहों से पूछताछ की गई।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (18 फ़रवरी 2026)
योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक :रूपनारायण सिन्हा
सरगुजा जिले में पीएम आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा
श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन
मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी
बड़वानी जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के लिये कृषि उन्नयन संवाद का हुआ आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ
हरदा के डायल-112 हीरोज: सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियमों पर मंथन