कॉलेज में ड्रेस कोड पर विवाद, छात्रों और प्रशासन में तनातनी
जबलपुर। स्थानीय महिला होम साइंस कॉलेज में अचानक नई यूनिफॉर्म लागू करने के फैसले के खिलाफ छात्राओं और उनके माता-पिता ने नाराजगी जताई है। इस मनमाने निर्णय के विरोध में 'पेरेंट्स एसोसिएशन ऑफ मध्य प्रदेश' के मार्गदर्शन में कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला, जिला कलेक्टर और उच्च शिक्षा विभाग को एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा गया है। इस ज्ञापन के जरिए प्रशासन से नए नियम पर दोबारा विचार करने और पुरानी यूनिफॉर्म को ही लागू रखने की अपील की गई है।
अभिभावकों पर आर्थिक बोझ और व्यावहारिक दिक्कतें
पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने कॉलेज प्रशासन के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सभी छात्राओं के पास पहले से ही पुरानी यूनिफॉर्म मौजूद है, तो उसे अचानक बदलने का कोई ठोस कारण समझ नहीं आता। इस फैसले से परिवारों पर बेवजह का आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, जिसका पढ़ाई-लिखाई के स्तर से कोई लेना-देना नहीं है।
इसके अलावा, ज्ञापन में एक बेहद संवेदनशील और व्यावहारिक मुद्दे की ओर भी ध्यान खींचा गया है। नए ड्रेस कोड का रंग काफी हल्का है, जिससे छात्राओं को विशेषकर मासिक धर्म (पीरियड्स) के दिनों में असहजता और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इसके विपरीत, पुरानी यूनिफॉर्म का गहरा रंग छात्राओं के लिए अधिक सुविधाजनक और गरिमापूर्ण था।
व्यावसायिक सांठगांठ की जांच और निष्पक्षता की मांग
एसोसिएशन ने आशंका जताई है कि यूनिफॉर्म बदलने के इस फैसले के पीछे किसी खास दुकानदार या सप्लायर को फायदा पहुँचाने का व्यावसायिक खेल हो सकता है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक छात्राओं को पुरानी ड्रेस पहनकर ही कॉलेज आने की छूट दी जाए और नई यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए।
मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
अभिभावक संघ और छात्राओं ने जिला प्रशासन एवं उच्च शिक्षा विभाग से इस मामले में तुरंत दखल देने और छात्रों के हक में फैसला लेने का आग्रह किया है, ताकि बेटियों की पढ़ाई का नुकसान न हो। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि नया सत्र शुरू होने से पहले उनकी मांगें स्वीकार नहीं की गईं, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।

यूपीआआई के बावजूद क्रेडिट कार्ड क्यों हैं खास? जानें उनके नए फायदे!
तेल आपूर्ति पर मंडराया बड़ा संकट, होर्मुज के बाद बाब अल-मंडेब में हूतियों का दबदबा
सागर शराब कांड में पुलिस की कार्रवाई, 30 हजार के इनामी आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ा
परिवारवाद के मुद्दे पर मायावती ने दी सफाई, भाई आनंद कुमार को लेकर कही बड़ी बात
भारत मंडपम के बाहर जुटे तिब्बती यूथ कांग्रेस के सदस्य, पुलिस ने 50 से अधिक को हिरासत में लिया
एमपी में स्वाइन फ्लू का कहर, भोपाल में एच1एन1 मरीज ने दम तोड़ा
सिद्धार्थ बाबू की कहानी: निजी नौकरी छोड़ी, UPSC में चमके और बन गए विदेश सेवा अधिकारी
राजनीति से सुरों तक, मलयेशियाई पीएम ने हिंदी गीत गाकर दिल्ली में बांधा समां
डारियो अमोडेई ने उठाया एआई सुरक्षा का मुद्दा, विकास की रफ्तार कम करने की मांग