कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं, पंजाब के बाद हरियाणा में हुड्डा-सुरजेवाला विवाद तेज
चंडीगढ़। पंजाब के बाद अब हरियाणा कांग्रेस में भी पार्टी नेताओं के बीच आपसी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश के कद्दावर नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के बीच का मनमुटाव अब चर्चा का विषय बन गया है। लंबे समय से हुड्डा हरियाणा कांग्रेस का मुख्य चेहरा रहे हैं, जबकि सुरजेवाला ने भी हाल के वर्षों में अपनी सक्रियता काफी बढ़ाई है। इन दोनों नेताओं के बीच की यह वैचारिक दूरी अब सार्वजनिक मंचों पर भी दिखाई देने लगी है।
प्रभारी के सामने तंज और बयानबाजी
यह घटनाक्रम तब उजागर हुआ जब कांग्रेस के नवनियुक्त हरियाणा प्रभारी संजय दत्त ने चंडीगढ़ में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं। प्रदेश मुख्यालय में आयोजित इन बैठकों के दौरान हुड्डा और सुरजेवाला ने एक-दूसरे पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। हुड्डा ने पार्टी की मजबूती को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सुरजेवाला उनका साथ दें, तो परिणाम काफी प्रभावशाली होंगे। इस पर सुरजेवाला ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें हुड्डा का साथ देते हुए 20 साल बीत चुके हैं और अब समय आ गया है कि हुड्डा उनका सहयोग करें।
पार्टी में बढ़ती गुटबाजी की आहट
वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई यह बयानबाजी पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। जहां हुड्डा अपनी स्थापित स्थिति बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं, वहीं सुरजेवाला का नेतृत्व के साथ तालमेल बिठाने का अपना नजरिया है। प्रभारी के सामने हुई यह तकरार कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि इससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस आलाकमान के लिए चुनौती
हरियाणा में कांग्रेस के भीतर यह स्पष्ट विभाजन पार्टी के लिए आगामी समय में बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। प्रभारी संजय दत्त के सामने जिस प्रकार नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है, उससे स्पष्ट है कि संगठनात्मक एकता बनाना एक कठिन कार्य है। पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने के लिए अब आलाकमान को जल्द ही कोई ठोस रणनीति अपनानी होगी ताकि आंतरिक मतभेद को कम करके चुनावी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।

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