बेंगलुरु में हाई अलर्ट: DRDO की GTRE लैब को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल
बेंगलुरु। बेंगलुरु के ब्यप्पनहल्ली स्थित DRDO की गैस टरबाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (GTRE) लैब को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी वाले कई ईमेल मिले। धमकी मिलने के बाद परिसर को तुरंत खाली कराया गया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। साथ ही बम डिस्पोजल स्क्वायड और फायर ब्रिगेड की मदद से पूरे इलाके की जांच की। जांच के बाद पाया गया कि धमकी झूठी थी। जांच करने वाले अफसरों के मुताबिक, ईमेल तमिल भाषा में लिखा गया था। जिसमें दावा किया गया था कि कैंपस में बम लगाए गए हैं और वे दोपहर करीब 1:30 बजे विस्फोट हो जाएंगे। बेंगलुरु में स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की एक लैब है, को बम से उड़ाने की धमकी भरे कई ईमेल मिले हैं। यह लैब बयप्पनहल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित है। अधिकारियों के अनुसार, ईमेल मिलने के बाद पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन सेवाओं के साथ मिलकर परिसर को खाली कराया और गहन तलाशी ली, जिसके बाद वहां कुछ नहीं मिला।
अलग-अलग दिनों में भेजी गई 8 धमकियां
पुलिस के अनुसार, यह अकेली घटना नहीं है। एक ही ई-मेल आईडी से अलग-अलग दिनों में आठ धमकियां भेजी गई हैं। सभी ई-मेल की भाषा समान थी, बस तारीख और समय बदलकर भेजा गया। पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियां गहनता से जांच कर रही हैं और धमकी के पीछे की मंशा समझने की कोशिश कर रही हैं।
तमिलनाडु CM के पोते को किडनैपिंग की भी धमकी दी थी
ईमेल में यह भी धमकी दी गई थी कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के पोते इनबानिधि को किडनैप किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह मेल ‘Kiruthiha.udhayanidhi@hotmail’ आईडी से भेजा गया था। पुलिस ने बताया कि सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस (CCB) मामले की जांच कर रही है। साथ ही ईमेल भेजने वालों की तलाश की जा रही है।

इरादों की स्याही से किशन जंगम ने लिखी सफलता की नई इबारत
स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 की तैयारियां प्रारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना में 204 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 22 विकास कार्यों की देंगे सौगात
संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला