पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ीं: समर्थकों सहित एक और मामला दर्ज
गिरफ्तारी के समय सांसद के समर्थकों और पुलिस के बीच हुई थी तीखी नोकझोंक
पटना। बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और उनके समर्थकों के खिलाफ बुद्धा कॉलोनी थाना में एक और एफआईआर दर्ज की गई। यह मामला सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस कार्रवाई में रुकावट को लेकर दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात पुलिस सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार करने उनके घर पहुंची थी, लेकिन उस दौरान उन्होंने गिरफ्तारी देने से इनकार कर दिया। इस दौरान सांसद के समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई थी। हालात बिगड़ते देख सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालते हुए बाद में पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। जहां से पीएमसीएच शिफ्ट किया गया था। जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई होना है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पप्पू यादव की पटना में आधी रात को हुई गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को पूर्णिया में जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर जाप कार्यकर्ताओं ने शहर में मशाल जुलूस निकाला और पप्पू यादव को अविलम्ब रिहा करने की मांग की। जन अधिकार पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष बबलू भगत ने कहा कि सरकर विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है। सांसद पप्पू यादव लगातार सदन में आम जनता की आवाज उठाते हैं। पीड़ितों को न्याय दिलाते हैं, लेकिन सरकार को यह हजम नहीं होता। सांसद पप्पू यादव पूर्णिया के 25 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यहां की जनता इससे बर्दाश्त नहीं करेगी।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के मामले में कहा कि हर चीज को इतना बड़ा चढ़ा कर पेश करना कि हर चीज में साजिश हो रही है जान से मारने यह नॉर्मल एक प्रक्रिया का हिस्सा है। क्या कोई किसी सांसद को ऐसे ही नहीं गिरफ्तार कर सकता है। यकीनन कहीं ना कहीं कुछ तथ्य सामने आए होंगे। कुछ ऐसे प्रमाण मिले होंगे जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पप्पू यादव के मामले में राहुल गांधी के समर्थन करने पर एनडीए की सरकार में एक बात स्पष्ट है अगर कोई दोषी है तो वह बक्शा नहीं जाएगा। अगर कोई बेगुनाह है तो उसके ऊपर कोई आंच नहीं आएगी।
बता दें पप्पू यादव को 31 साल पुराने केस में बेल टूटने पर गिरफ्तार किया गया। दरअसल, पटना के शास्त्री नगर थाने में साल 1995 केस दर्ज किया गया था। यह केस विनोद बिहारी लाल ने दर्ज कराया था। बार-बार बुलाने के बाद भी पप्पू यादव और दो अन्य अभियुक्त कोर्ट नहीं आ रहे थे। आरोप था कि पप्पू यादव 1994 में जब पहली बार सांसद बने थे। तब इन्होंने पटना में ऑफिस बनाने के लिए एक मकान किराए के लिए लिया था। रहने के नाम पर और उसमें ऑफ़िस बनाया। मकान मालिक का आरोप था कि रोज सैकड़ों लोगों के आने जाने से वह परेशान थे। उन्होंने खाली करने को कहा, लेकिन मकान खाली नहीं किया गया।

रुद्राक्ष पहनने से पहले जरूर जानें: महिलाओं के लिए सही रुद्राक्ष और उसके नियम
‘काशी के कोतवाल’ Kal Bhairav की कहानी: आखिर क्यों हुआ Brahma का शिरच्छेद?
UP में बड़ा दांव! Chirag Paswan की एंट्री, सभी सीटों पर उतरने की तैयारी
‘अपमान का बदला ले जनता’: SIR विवाद पर Mamata Banerjee का बड़ा बयान
चुनावी मैदान में अनोखा अंदाज, बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रत्याशी
पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज, Indian National Congress ने झोंकी स्टार प्रचारकों की फौज
विक्रम यूनिवर्सिटी ने विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया