मिलिट्री इंजीनियरिंग दो वरिष्ठ अधिकारियों को 2 लाख रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया
पुणे। सीबीआई ने पुणे के खड़की में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज़ में जाल बिछाकर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों को एक ठेकेदार के पेंडिंग बिल पास करने के लिए 2 लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस कार्रवाई से रक्षा क्षेत्र के कंस्ट्रक्शन विभाग में हड़कंप मचा है। अधिकारियों की पहचान सुनील निकम और सुरेश म्हस्के के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता एक प्राइवेट कंपनी का पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर है जो मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज़ के कॉन्ट्रैक्ट पूरे करती है। उसकी शिकायत के अनुसार, उसने तय समय पर काम पूरा कर लिया था और कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी जमा कर दिए थे। लेकिन उसके बिल जानबूझकर रोके गए थे। निकम और म्हस्के ने इन पेमेंट्स को मंज़ूर करने के लिए उससे 6 लाख रूपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने 3 फरवरी को इस रिश्वत के बारे में सीबीआई से संपर्क किया। शिकायत की पुष्टि करने के बाद, सीबीआई ने 6 फरवरी को खड़की में जाल बिछाया। बातचीत के बाद, आरोपियों ने रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 2 लाख रूपये लेने पर सहमति जताई थी। जूनियर इंजीनियर सुरेश म्हस्के को ऑफिस में रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा गया, जबकि असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर सुनील निकम को भी इस साज़िश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई ने दोनों आरोपियों के ऑफिस और घरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, अधिकारियों को 1.88 लाख रूपये की संदिग्ध नकदी के साथ-साथ ज़रूरी दस्तावेज़ भी मिले। आरोपी इस रकम का कोई हिसाब नहीं दे पाए।

UP में बड़ा दांव! Chirag Paswan की एंट्री, सभी सीटों पर उतरने की तैयारी
‘अपमान का बदला ले जनता’: SIR विवाद पर Mamata Banerjee का बड़ा बयान
चुनावी मैदान में अनोखा अंदाज, बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रत्याशी
पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज, Indian National Congress ने झोंकी स्टार प्रचारकों की फौज
विक्रम यूनिवर्सिटी ने विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया
पाकिस्तान पर संकट गहराया! ईरान युद्ध के बीच Shehbaz Sharif का बड़ा फैसला—आज से लॉकडाउन
प्रशासन द्वारा हटाई गई दुकानों के खिलाफ अनोखा अंदाज