13 महामंडलेश्वर निष्कासित, कुंभ मेले में नहीं मिलेगा स्थान
नई दिल्ली । 2025 में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारी शुरू हो गई हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 13 महामंडलेश्वरों और संतों को कुंभ मेले से निष्कासित करने का निर्णय लिया है।112 साधु संतों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिनसे 30 जुलाई के पहले स्पष्टीकरण मांगा गया है। जो महामंडलेश्वर और साधु संत वित्तीय गड़बड़ियों में लिप्त पाए गए हैं। उन्हें निष्कासित कर दिया गया है। निष्कासित साधु संतों को 2025 में प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी के अनुसार जिन महामंडलेश्वर और साधु संतों की जांच की गई थी। उसमें 6 संत आंतरिक जांच में दोषी पाए गए हैं। अखाड़ा परिषद समय-समय पर संतों की गतिविधियों पर जांच कराता रहता है।
संतो को नोटिस
अखाड़ा परिषद ने जूना अखाड़े के 54, निरंजनी अखाड़े की 24, निर्मोही अखाड़े के 34 संतो सहित 13 महामंडलेश्वर, 24 मंडलेश्वर और महंत संतो को नोटिस जारी किए हैं।
निष्कासित महामंडलेश्वर
नासिक के महामंडलेश्वर जयेंद्रानंद दास, चेन्नई के महामंडलेश्वर हरेंद्रानंद अहमदाबाद के महंत रामदास उदयपुर के महंत अवधूतानंद और कोलकाता के महंत विजयेश्वर दास इसमें शामिल है।

एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड मे, निजी सुरक्षा कर्मियों पर रोक, नए नियम लागू
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
जनसंपर्क अधिकारी पर दबाव और झूठे आरोपों का मामला: रॉयल प्रेस क्लब ने एमपी नगर थाने में दी शिकायत
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास
राज्यसभा में कांग्रेस के भीतर तकरार, खरगे और जयराम रमेश के बीच तीखी बहस
जयपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने 8 महीने की मासूम की हत्या की
धीरेन्द्र शास्त्री की ‘माला-भाला’ नसीहत पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने FIR की मांग उठाई
मनसे नेता देशपांडे ने उद्धव गुट के पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप… बोले- एक-एक करोड़ में बिके
कचरा प्रबंधन नियमों में बार-बार बदलाव से जमीनी हकीकत में सुधार नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट