श्रद्धेय ब्रह्मचारी देवेंद्र भाई जी ने जैन धर्म की परम्परा के चौबीस वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2619 वाँ जन्मकल्याणक महोत्सव जैन समाज सोशल डिस्टेन्सिंग का पूर्णता पालन करते हुए 06 अप्रैल को अपने घरों में मनाने का आग्रह किया है।

रविवार, 05 अप्रैल को महावीर स्वामी की जयंती की पूर्व संध्या पर समाज के लोग रात्रि 9 बजे, 9 मिनिट तक संयम व अनुशाशन के साथ 9 दीपक/मोमबत्ती जलाये साथ ही महामंत्र णमोकार मंत्र का जाप करें।

06 अप्रैल , सोमवार को सभी पुरुष वर्ग श्वेत परिधान व महिला वर्ग केसरिया वस्त्र पहनकर प्रातः 8:00 बजे से घरों की छत, बालकनी, घर के द्वार पर खड़े होकर घंटी, शंख , थाली बजा कर 5 मिनिट नाद करें एवं भगवान महावीर के संदेशों को जयकारों से जन जन तक पहुँचाये।
वर्तमान समय के वैश्विक संकट में कैसे मनाएं महावीर स्वामी जन्मकल्याणक महोत्सव

प्रातः 9:00 बजे एक चौकी पर भगवान महावीर की तस्वीर विराजमान करे , रंगोली सजाकर मंगल कलश स्थापित करें एवं दीप प्रज्वलित कर महावीर निर्वाण कांड पड़े और महावीर चालीसा का पाठ करें। आस पास के लोगों को लड्डू का प्रसाद वितरित करें ।

घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाकर सायंकाल 6:40 बजे तक दीप प्रज्वलित कर देवें एवं सायंकाल 6:45 बजे दीप प्रज्वलित कर भगवान महावीर की आरती व भक्तामर का पाठ करें ।

सही मायनो में इस वर्ष हम यह त्योहार मना रहे है क्योंकि भगवान महावीर घर-घर पधारेंगे।