नई दिल्ली । भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश आजकल ब्रेक के दौरान अपने घर में  हैं। श्रीजेश ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के कारण लॉकडाउन के चलते दो महीने से अधिक समय तक भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बेंग्लुरु केंद्र में रहने के कारण वह और कई और खिलाड़ी मानसिक रूप से कमजोर हो रहे थे और अपने को प्रेरित रखने के लिए उन्होंने इस दौरान ‘प्रेरणादायी’ किताबें पढ़ी। श्रीजेश ने कहा, ‘यह काफी मुश्किल समय था क्योंकि हमारी जीवनशैली पूरी तरह से बदल गई थी। ऐसे में अपने विचारों में संतुलन बनाना था।’श्रीजेश ने माना कि लॉकडाउन के दौरान नकारात्मक विचारों को दूर रखना मुश्किल था पर वह अमेरिकी ट्रायथलीट जोआना जीगर की ‘द चैंपियन्स माइंडसेट- एन एथलीट्स गाइड टू मेंटल टफनेस’ किताब पढ़कर मानसिक रूप से मजबूत रह पाए। उन्होंने कहा, ‘एक तरफ तो मुझे घर की याद आ रही थी और दूसरी तरफ मैं परिजनों को घर जाकर खतरे में नहीं डालना चाहता था क्योंकि यात्रा के दौरान वायरस से संक्रमित होने का खतरा था।’ श्रीजेश ने कहा, ‘इसलिए शांति के लिए मैंने किताबों का सहारा लिया। लॉकडाउन के दौरान मैंने काफी किताबें पढ़ी, फिक्शन, नॉन फिक्शन से लेकर प्रेरणादाई किताबें। इसने मुझे अलग तरह से सोचने में मदद की। चैंपियन्स माइंडसेट ऐसी किताब है जो मैंने दोबारा पढ़ी।’ श्रीजेश अभी 14 दिन के लिए अब अपने घर में ही पृथकवास में हैं और इसके बाद ही अपने बच्चों के साथ खेल पाएंगे और घर से बाहर निकल पाएंगे।