जंग धीमी फिर भी असर तेज, कच्चा तेल पहुंचा रिकॉर्ड ऊंचाई पर
कच्चे तेल में भारी उबाल: ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर के पार, 4 साल का रिकॉर्ड टूटा
नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ईरान के साथ जारी तनाव और आपूर्ति में भारी कमी के चलते ब्रेंट क्रूड उछलकर 126.41 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। यह मार्च 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव के बीच कीमतें बाद में गिरकर 113.89 डॉलर पर भी आईं।
ट्रंप की रणनीति और बाजार की घबराहट
कच्चे तेल की कीमतों में इस अचानक तेजी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित सैन्य योजना को मुख्य कारण माना जा रहा है।
-
सैन्य योजना: रिपोर्टों के अनुसार, ईरान को परमाणु समझौते के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से अमेरिका सैन्य हमलों की श्रृंखला पर विचार कर रहा है।
-
अनिश्चितता: ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस कड़े रुख से खाड़ी देशों में संघर्ष और लंबा खिंच सकता है, जिससे तेल की वैश्विक आपूर्ति में बड़ी बाधा आएगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य: संकट की असली जड़
तेल बाजार में मची खलबली की सबसे बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली आपूर्ति में गिरावट है:
-
निर्यात में कमी: युद्ध से पहले यहाँ से प्रतिदिन 2 करोड़ बैरल से अधिक तेल और गैस का परिवहन होता था, जो अप्रैल में घटकर महज 38 लाख बैरल रह गया है।
-
कुल नुकसान: वैकल्पिक रास्तों के इस्तेमाल के बावजूद, बाजार को अभी भी प्रतिदिन लगभग 1.3 करोड़ बैरल तेल की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
भंडार में आई भारी कमी
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ युद्ध का डर ही नहीं, बल्कि जमीन पर तेल की उपलब्धता भी कम हुई है:
-
मार्च के दौरान वैश्विक तेल भंडार में 8.5 करोड़ बैरल की कमी आई है।
-
समुद्र के रास्ते होने वाला तेल परिवहन (Oil on Water) भी 10.7 करोड़ बैरल घट गया है।

16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR, चुनाव आयोग ने जारी किया प्लान
भिंड में BJP का बड़ा संगठनात्मक फैसला, सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति पर लगी रोक
CSK ने शेयर किया मजेदार वीडियो, हमशक्ल को देखकर चौंके अंशुल कंबोज
एशेज में हार के बाद इंग्लैंड बोर्ड का बड़ा कदम, चयन प्रक्रिया में बदलाव
प्रतीक पंचतत्व में विलीन, अंतिम संस्कार में भावुक दिखे अखिलेश यादव और शिवपाल
जासूसी ऑपरेशन के बीच क्रैश हुआ दुनिया का सबसे बड़ा प्लेन
जीतू पटवारी का सुझाव: सरकारी उत्सवों पर एक साल का प्रतिबंध लगे
महू में अंबेडकर जयंती समारोह के दौरान सिंघार ने उठाया भ्रष्टाचार का मुद्दा
Gold Silver Today: सोने की कीमतों में उछाल, चांदी में मामूली गिरावट