छत्तीसगढ़ में नए वित्तीय साल की शुरुआत, आम जनता पर दिखेगा सीधा असर
रायपुर | 1 अप्रैल 2026 से देश भर समेत छत्तीसगढ़ में कई नियम बदल जाएंगे. वैसे तो हर महीने की पहली तारीख को कई वित्तीय बदलाव देखने को मिलता है, लेकिन अप्रैल के महीने में कुछ खास और बड़े बदलाव होने जा रहा है. जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा. आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ में LPG, राशन, शराब की किमतों से लेकर UPI ट्रांजेक्शन कौन-कौन से नियम बदलने वाले हैं|
नई सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी होगी लागू
छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से नई सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी लागू होने जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम साबित होगी. इस नीति के तहत किसी भी शादी, पार्टी या अन्य आयोजन में 100 से अधिक मेहमानों के शामिल होने पर आयोजकों को तीन दिन पहले स्थानीय नगर निगम को सूचना देना अनिवार्य होगा.इस पॉलिसी में सबसे कड़ा प्रावधान ‘ऑन द स्पॉट फाइन’ का है. नए नियमों के अनुसार, कचरे को गलत तरीके से फेंकने या सूचना न देने पर जुर्माना लगाया जाएगा. जुर्माना की राशि 500 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक हो सकती है|
एलपीजी सिलेंडर के दाम
हर महीने की पहली तारीख को तेल-गैस कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. वहीं1 अप्रैल को कीमत में बदलाव देखने को मिलेगा. मौजूदा हालात को देखते हुए घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने की संभावना है|
अप्रैल में मिलेगा 3 महिने का राशन
मिली जानकारी के मुताबिक, अब अप्रैल महीने में ही तीन माह अप्रैल, मई और जून का चावल एक साथ वितरित किया जाएगा. दरअसल, पिछले कुछ समय से तकनीकी खामियों और सर्वर की समस्याओं के कारण राशन वितरण प्रभावित हो रहा था. इसके साथ ही गोदामों में स्टॉक की कमी ने भी स्थिति को जटिल बना दिया था. फरवरी और मार्च में भी वितरण को सुचारू रखने के लिए अस्थायी उपाय किए गए, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो सका|
1 अप्रैल से बढ़ सकते हैं शराब के दाम
1 अप्रैल 2026 छत्तीसगढ़ में शराब की कीमतें महंगी होने वाली हैं, क्योंकि राज्य की नई आबकारी नीति में बदलाव से शराब की दरें बढ़ने वाली हैं. इसे लेकर अरुण साव कहा था कि- आवश्यकता, लागत और समय देखकर सामग्री का रेट बढ़ता है, ऐसे में नई आबकारी नीति में बदलाव दिखेगा|
UPI ट्रांजैक्शन में नया रूल
इन सब के अलावा डिजिटल पेमेंट्स को लेकर आरबीआई ने 1 अप्रैल 2026 से सुरक्षा को लेकर नया रूल लागू करने का निर्णय लिया है. यानी अब दो परतों पर सुरक्षा होगी. पहले की तरह सिर्फ ओटीपी से काम नहीं चलेगा. इस नियम के लागू करने के पीछे सरकार का मकसद है कि फ्रॉड को रोका जाए, ताकि डिजिटल पेमेंट्स ज्यादा सुरक्षित रहे|

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