तेल-गैस संकट पर पीएम मोदी कर रहे बड़ी बैठक, होर्मुज के चक्रव्यूह को भेदने के लिए मंत्रियों संग चर्चा
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की आहट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. इस बैठक का मुख्य एजेंडा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुए ऊर्जा संकट से निपटना और भारत में तेल, गैस और उर्वरक की सप्लाई आपूर्ति सुनिश्चित करना है. सूत्रों के अनुसार, बैठक में पेट्रोलियम और बिजली मंत्रालय के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी शामिल होंगे. 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण कर जहाजों की आवाजाही को सीमित करने से वैश्विक शिपिंग रूट बुरी तरह प्रभावित हुआ है. चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, इसलिए इस समुद्री मार्ग की नाकेबंदी भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक चुनौती बन गई है.
इससे पहले 12 मार्च को प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि पश्चिम एशिया का युद्ध दुनिया के लिए एक बड़ी परीक्षा है. उन्होंने इसे राष्ट्रीय चरित्र की महत्वपूर्ण कसौटी बताते हुए जनता से धैर्य और जागरूकता की अपील की थी. सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक अस्थिरता का असर भारतीय उपभोक्ताओं की जेब और घरेलू उद्योगों पर न पड़े. युद्ध शुरू होने के बाद से पीएम मोदी लगातार वैश्विक नेताओं के संपर्क में हैं. उन्होंने सऊदी अरब, यूएई, कतर, इजरायल और ईरान सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात की है. आज की बैठक में इन कूटनीतिक चर्चाओं के नतीजों और वैकल्पिक सप्लाई रूट पर भी विचार किया जा सकता है.

CSK बनाम KKR: जीत की तलाश में चेन्नई, कोलकाता को कड़ी टक्कर देने की तैयारी
तहसीलों में प्रशासनिक बदलाव: राजस्व विभाग ने कई अधिकारियों को हटाया, नई तैनाती जल्द
सायनी घोष का चुनावी गाना बना सियासी बवाल, BJP ने TMC पर साधा निशाना, क्या है पूरा मामला?
बुमराह के चार ओवर काफी नहीं, टीम को सोचना होगा आगे—डुप्लेसिस
अंधविश्वास या साजिश? रहस्यमयी सामान मिलने से बढ़ी चिंता
एंटी इनकंबेंसी के डर से बदली रणनीति? 15 साल बाद वाम मोर्चा की शैली में दिखीं ममता बनर्जी की राजनीति