विजयदशमी पर अपनाएं 5 अच्छी बातें और बचें इन 5 गलतियों से, तभी बनेगा त्योहार खास, जानें क्या करें क्या नहीं
दशहरा या विजयदशमी भारत के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है. यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था और देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस को हराया था. इस त्योहार को देशभर में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है, लेकिन इसका मूल संदेश एक ही है-सच्चाई और अच्छाई की जीत. दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इस दिन साफ-सफाई, मदद और अच्छे व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए, जबकि पटाखों, गंदगी और उग्र व्यवहार से बचना ज़रूरी है. त्योहार को खुशियों और समझदारी के साथ मनाएं. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं
हालांकि, त्योहार की खुशी में कई बार हम कुछ ऐसी बातें कर जाते हैं जो गलत हो सकती हैं या दूसरों को परेशानी दे सकती हैं. इसलिए यह ज़रूरी है कि हम त्योहार को उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखते हुए.
दशहरा पर क्या करें?
1. साफ-सफाई रखें: अपने घर और आस-पास के इलाके को साफ रखें. यह ना सिर्फ त्योहार के माहौल को अच्छा बनाएगा, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर रहेगा.
2. सीख लें अच्छाई की अहमियत: दशहरा केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन में सच्चाई, धैर्य और संयम की अहमियत सिखाता है. इस दिन अपने व्यवहार में भी इन बातों को शामिल करें.
3. बड़ों का आशीर्वाद लें: यह परंपरा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी अहम है. बड़ों से आशीर्वाद लेना रिश्तों में मिठास बढ़ाता है.
4. जरूरतमंदों की मदद करें: इस दिन यदि आप किसी गरीब या ज़रूरतमंद की मदद करते हैं, तो उसका पुण्य कई गुना बढ़ जाता है.
5. पर्यावरण का ध्यान रखें: रावण दहन के समय कोशिश करें कि प्रदूषण कम हो. इको-फ्रेंडली तरीके अपनाना इस समय की ज़रूरत है.
दशहरा पर क्या न करें?
1. अत्यधिक पटाखे न जलाएं: पटाखों से ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और पशुओं को परेशानी होती है.
2. धार्मिक भावनाओं का मजाक न बनाएं: सोशल मीडिया या किसी और माध्यम से ऐसे संदेश या मज़ाक न करें जो किसी की आस्था को चोट पहुंचा सकते हैं.
3. सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाएं: कई लोग रावण दहन या मेले में खाने-पीने के बाद कचरा फैला देते हैं. ऐसा करने से त्योहार का पूरा माहौल खराब हो जाता है.
4. उग्र व्यवहार से बचें: त्योहार के उत्साह में कभी-कभी झगड़े या बहसबाज़ी हो जाती है. ऐसे मौके पर संयम रखना ज़्यादा बेहतर होता है.
5. अंधविश्वास से दूर रहें: किसी भी तरह के टोने-टोटके या झूठी मान्यताओं के पीछे न भागें. दशहरा अच्छाई की जीत का पर्व है, न कि डर फैलाने का.

कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CISF कांस्टेबल भर्ती विवाद: शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की
पारदर्शी आबकारी नीति से राजस्व में रिकॉर्ड उछाल, मोनोपाली टूटी
सीट बढ़ोतरी का असर: उत्तर भारत को फायदा, दक्षिण राज्यों में चिंता
‘रिश्वत मांगना ही नहीं, लेना भी पाप है’, हाईकोर्ट की डॉक्टर को चेतावनी