स्टार बल्लेबाज की फॉर्म पर उठे सवाल, क्या कप्तानी दबाव बना रही है सूर्यकुमार के लिए चुनौती?
नई दिल्ली: भारतीय टीम ने अजेय रहते हुए लगातार पांच मैच जीतकर एशिया कप 2025 के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। भारत ने बुधवार को सुपर चार चरण के मैच में बांग्लादेश को हराकर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। भारतीय टीम का प्रदर्शन मौजूदा टूर्नामेंट में काफी अच्छा रहा है और टीम अजेय बनी हुई है। भारत को लगातार सफलता मिल रही है, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव की फॉर्म ने उसके लिए चिंता बढ़ा दी है।
अभिषेक के आउट होने के बाद लड़खड़ा रही पारी
भारत को फाइनल से पहले अब शुक्रवार को श्रीलंका का सामना करना है। टीम इस मैच में अपना मजबूत और कमजोर पक्ष दोनों को देखना चाहेगी क्योंकि खिताब के इतने करीब आकर सूर्यकुमार की अगुआई वाली टीम कोई गलती करने से बचना चाहेगी। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल पिछले दो मैचों से टीम को अच्छी शुरुआत दिला रहे हैं। अभिषेक ने सामने से जिम्मेदारी निभाई है और लगातार दो मैच में अर्धशतक लगा चुके हैं। दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव बल्ले से चमक बिखेरने में लगातार असफल हो रहे हैं। बांग्लादेश के खिलाफ मैच में यह देखने को मिला कि जैसे ही अभिषेक आउट हुए भारत की रनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। मध्यक्रम के बल्लेबाज या तो सस्ते में पवेलियन लौटे या उन्हें रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
मौजूदा एशिया कप में सूर्यकुमार का प्रदर्शन
मौजूदा एशिया कप में सूर्यकुमार चार बार बल्लेबाजी के लिए उतरे हैं। उन्होंने अब तक 7, 47, 0 और 5 रनों की पारी खेली है। इससे पहले साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी वह संघर्ष करते नजर आए थे। उन्होंने उस सीरीज में 5.60 की औसत से 28 रन बनाए थे जिसमें दो बार शून्य पर आउट होना भी शामिल है। सूर्यकुमार टी20 के विस्फोटक बल्लेबाज माने जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से जिस तरह उनका बल्ला खामोश है, उसने भारतीय ड्रेसिंग रूम की बेचेनी बढ़ा रखी है।
भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी रहे सुनील गावस्कर ने भी इस मामले को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने एक न्यूज चैनल से कहा, कप्तान के लिए जरूरी है कि वह आकर कुछ रन बनाए। सूर्यकुमार चौथे नंबर पर आए और फिर से वही शॉट खेलकर आउट हो गए। यह उनके लिए आमतौर पर एक बहुत ही कारगर शॉट है, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन जब आप संघर्ष कर रहे हों, तो शायद आपको तब तक नहीं खेलना चाहिए जब तक आपको परिस्थिति का पूरा अंदाजा न हो जाए। एक बार जब आप जम जाएं और 25 या 30 रन बना लें, तब आप वह शॉट खेल सकते हैं।
कप्तान के तौर पर टी20 में सूर्यकुमार की बल्लेबाजी के आंकड़े
सूर्यकुमार की खराब फॉर्म के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर पड़ रहा है? आंकड़े भी कुछ इस बात की ही गवाही दे रहे हैं। सूर्यकुमार ने भारत के लिए 27 टी20 मैचों में कप्तानी की है, इस दौरान उन्होंने 26.82 के औसत से 617 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। दूसरी ओर, कप्तान ना रहते हुए सूर्यकुमार ने 43.40 के औसत से 2040 रन बनाए हैं जिसमें तीन शतक और 17 अर्धशतक लगाए हैं। हालांकि, कप्तान के तौर पर उनका रिकॉर्ड शानदार है और टीम को उनकी अगुआई में सफलता मिल रही है।

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