भारतीय रेल ने कर्मचारियों को NPS से UPS में वन टाइम स्विच की सुविधा हेतु आयोजित किए 1,799 सेमिनार
भोपाल। भारतीय रेल ने देशभर में अपने कर्मचारियों को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में वन टाइम स्विच की सुविधा के बारे में विस्तार पूर्ण जानकारी देने के लिए 1,799 सेमिनार आयोजित किए।
इनमें सबसे अधिक 768 सेमिनार दक्षिण रेलवे में आयोजित हुए। इसके बाद दक्षिण-पूर्व रेलवे (135), दक्षिण-पश्चिम रेलवे (99), दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे (91), उत्तर-पश्चिम रेलवे (90), उत्तरी रेलवे (88) और उत्तर मध्य रेलवे (80) में महत्वपूर्ण योगदान रहा। अन्य जोन जैसे उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे (70), दक्षिण-मध्य रेलवे (69), पश्चिम-मध्य रेलवे (72), मध्य रेलवे (40), पूर्वी रेलवे (40) और पश्चिम रेलवे (41) ने भी सक्रिय भागीदारी की। वहीं पूर्वी तट रेलवे (27), पूर्व-मध्य रेलवे (9) और उत्तर-पूर्व रेलवे में (16) सेमिनार आयोजित हुए।
उत्पादन इकाइयों और प्रशिक्षण संस्थानों ने भी इस अभियान में सक्रिय भाग लिया। इनमें रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (5), रेल कोच फैक्ट्री (6), मॉडर्न कोच फैक्ट्री (6), इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (17), रेल व्हील फैक्ट्री (20), बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (5) और चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (4) शामिल रहे। विशेषीकृत प्रशिक्षण संस्थानों में इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ने भी कर्मचारियों के बीच जागरूकता बढ़ाने हेतु एक सेमिनार आयोजित किया।
बता दें कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने 24.01.2025 को अधिसूचित किया था। इसके बाद वित्तीय सेवाएँ विभाग ने 25.08.2025 को एक कार्यालय ज्ञापन जारी कर यह सुविधा दी कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में शामिल कर्मचारी, निर्धारित शर्तों के अंतर्गत, एक बार UPS में स्विच कर सकते हैं।
NPS से UPS स्विच की मुख्य शर्तें:
1.पात्र कर्मचारी केवल एक बार NPS से UPS में स्विच कर सकते हैं। वापस NPS में लौटने की अनुमति नहीं होगी।
2.यह स्विच कम से कम सेवानिवृत्ति से एक वर्ष पूर्व या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से तीन माह पूर्व किया जाना आवश्यक है।
3.हटाए जाने, बर्खास्तगी या अनिवार्य सेवानिवृत्ति (दंडस्वरूप) की स्थिति में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
4.जो कर्मचारी निर्धारित समय में विकल्प नहीं देंगे, वे स्वतः NPS में बने रहेंगे।
5.जो कर्मचारी NPS में बने रहेंगे, वे 30 सितम्बर 2025 के बाद UPS में नहीं जा पाएंगे।
यह पहल केंद्रीय कर्मचारियों को पेंशन संबंधी वित्तीय सुरक्षा की योजना बनाने में सूचित और समझदारीपूर्ण निर्णय लेने का अवसर प्रदान करती है। UPS अपनाने वाले कर्मचारियों के पास भविष्य में NPS में लौटने का विकल्प रहेगा, जबकि NPS में बने रहने वालों के पास UPS में जाने का अवसर केवल 30 सितम्बर 2025 तक ही उपलब्ध है।

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