लॉर्ड्स में जो छूटा, ओवल में सिराज ने पूरा किया, भारत को मिली गर्व की जीत
नई दिल्ली : भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट लंदन के ओवल में खेला गया। यह मुकाबला भी इस सीरीज के अन्य मुकाबलों की तरह पांचवें दिन गया। इंग्लैंड को जीत के लिए 35 और रन की दरकार थी, जबकि भारत को चार विकेट गिराने थे। इंग्लैंड की टीम सीरीज में 2-1 से आगे थी, लेकिन भारत ने मोहम्मद सिराज के दमदार प्रदर्शन से यह मुकाबला छह रन से जीता और सीरीज 2-2 से बराबर करने में सफल रहे। भारत के पास इस सीरीज को जीतने के कई मौके आए थे, लेकिन अहम मौके पर चूक ने मैच पलट दिया। सिराज दो मुश्किल मौकों को भुनाने में नाकाम रहे, जो मैच को पलट सकता था। लॉर्ड्स के बाद अब ओवल में भी कुछ ऐसा हुआ था, लेकिन अब सिराज ने इसकी भरपाई की और टीम को मिली जीत में अहम योगदान दिया।
ओवल में चौथे दिन क्या हुआ था?
दरअसल, ओवल में इंग्लैंड को 374 रन का लक्ष्य मिला। इसके जवाब में एक वक्त टीम ने 106 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। हैरी ब्रुक और जो रूट क्रीज पर थे। इंग्लैंड की दूसरी पारी के 35वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा गेंदबाजी के लिए आए। पहली ही गेंद उन्होंने शॉर्ट लेंथ पर फेंकी। इस पर बड़े शॉट के प्रयास में ब्रुक ने इसे हवा में खेला। गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर लॉन्ग लेग पर गई। वहां सिराज बाउंड्री लाइन पर खड़े थे। उन्होंने कैच लिया, लेकिन उनका दायां पैर कैच के बाद बाउंड्री लाइन से टकरा गया। सिराज खुद को ठीक से बैलेंस नहीं कर पाए। गेंद छक्के के लिए गई। तब ब्रुक 19 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे थे।
इसके बाद तो ब्रुक ने कोई मौका नहीं दिया और बैजबॉल के अंदाज में चौके छक्कों की बारिश कर दी। उन्होंने शतक पूरा किया और 98 गेंद में 14 चौके और दो छक्कों की मदद से 111 रन की पारी खेली। आकाश दीप ने उन्हें पवेलियन भेजा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। जीवनदान मिलने के बाद ब्रुक ने रूट के साथ चौथे विकेट के लिए 195 रन की साझेदारी निभाई। सिराज अगर वह कैच ले लेते तो परिस्थिति कुछ और हो सकती थी, क्योंकि ब्रुक के चौथे विकेट के रूप में आउट होने के बाद भारत ने 36 रन के अंदर दो और विकेट गिरा दिए। इंग्लैंड ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट पर 339 रन बना लिए थे। सिराज से कैच छूटने की याद उन्हें ताउम्र सताएगी। हालांकि, सिराज ने पांचवें दिन इसकी भरपाई की और दूसरी पारी में कुल पांच लेने में सफल रहे।
लॉर्ड्स में क्या हुआ था?
वहीं, उससे पहले लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट के दौरान भारत को 193 रन का लक्ष्य मिला था। इसके जवाब में 112 रन पर आठ विकेट गंवा दिए थे। फिर रवींद्र जडेजा ने बुमराह के साथ और फिर सिराज के साथ मिलकर टीम इंडिया को जीत दिलाने की कोशिश की। 147 पर बुमराह आउट हुए। इसके बाद सिराज ने अपनी बल्लेबाजी का दमखम दिखाया। उन्होंने जडेजा का बखूबी साथ देते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों को थकाना शुरू किया। अपने शानदार डिफेंस का नमूना पेश करते हुए सिराज ने 29 गेंदों पर शानदार ब्लॉक किया। हालांकि, भारत का स्कोर जब 170 रन था और टीम इंडिया जीत से 23 रन दूर थी, तो शोएब बशीर की एक शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद को उन्होंने सामने डिफेंस किया। हालांकि, इसके बाद कुछ चमत्कार जैसा हुआ और गेंद ने रिवर्स स्पिन किया और सिराज के डिफेंस के बाद जमीन पर टप्पा खाकर रिवर्स स्पिन होकर विकेट से जा टकराई। इस तरह सिराज दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट हुए। वह यकीन नहीं कर पाए और मैदान पर रोने लगे। इतने शानदार डिफेंस के बाद गेंद का इस तरह विकेट से टकराना किसी को समझ नहीं आया। हालांकि, भारतीय टीम को यह टेस्ट भी 22 रन से गंवाना पड़ा।
बतौर गेंदबाज छाए सिराज
हालांकि, बतौर गेंदबाज सिराज का इस सीरीज में प्रदर्शन शानदार रहा है। वह सीरीज के लीडिंग विकेट टेकर हैं। उन्होंने पांच मैचों में 23 विकेट लिए हैं। सबसे खास बात वह इस सीरीज में पांचों टेस्ट खेलने वाले एकमात्र भारतीय तेज गेंदबाज हैं। इसके अलावा इंग्लैंड की ओर से ऐसा क्रिस वोक्स ने किया। सीरीज के दौरान सिराज के जज्बे में कमी नहीं आई और यह दिखाता है कि वह क्यों टीम इंडिया के लिए अहम हैं।
भारत पर था सीरीज गंवाने का खतरा
लॉर्ड्स में इस करीबी हार की वजह से भारत सीरीज में 1-2 से पीछे हो गया था और टीम पर सीरीज हारने का खतरा मंडरा रहा था। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी यह सीरीज महत्वपूर्ण है। यह भारतीय टीम की इस चक्र में पहली टेस्ट सीरीज है और उसमें हार से टीम इंडिया को नुकसान हो सकता था। भारत ने एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट को 336 रन से अपने नाम किया था। वहीं, मैनचेस्टर में खेला गया चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा था। ओवल में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की पहली पारी 224 रन पर समाप्त हुई थी। इसके जवाब में इंग्लैंड ने 247 रन बनाए थे और 23 रन की बढ़त हासिल की थी। भारत की दूसरी पारी 396 रन पर समाप्त हुई और इस तरह इंग्लैंड को 374 रन का लक्ष्य मिला। मेजबान टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और उसे करीबी हार का सामना करना पड़ा।

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