सेंसर बोर्ड का यू-टर्न, दो कट्स के बाद पास हुई 'जानकी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल'
फिल्म ‘जानकी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल’ को लेकर हाल ही में सेंसर बोर्ड और फिल्म निर्माताओं के बीच विवाद ने जोर पकड़ लिया था। पहले जहां बोर्ड ने फिल्म में 96 कट लगाने की सिफारिश की थी, वहीं अब अपनी पुराने फैसले से पलटते हुए बोर्ड ने फिल्म को महज दो मामूली बदलावों के साथ पास करने का फैसला किया है।
नाम पर था सबसे बड़ा विवाद
फिल्म का नाम ‘जानकी’ रखने को लेकर सबसे ज्यादा आपत्ति जताई गई थी, क्योंकि ये नाम देवी सीता के नाम से जुड़ा हुआ है। सेंसर बोर्ड को आपत्ति थी कि एक ऐसी महिला के किरदार के लिए, जो यौन उत्पीड़न का सामना करती है, ‘जानकी’ नाम का यूज करना अनुचित है। इस मुद्दे को लेकर मामला केरल हाई कोर्ट तक पहुंच गया।
कोर्ट में बदली सेंसर बोर्ड की राय
केरल हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड की तरफ से पेश वकील ने बताया कि अब फिल्म को सिर्फ दो बदलावों के साथ पास किया जाएगा। पहला बदलाव ये कि फिल्म के टाइटल को थोड़ा संशोधित किया जाएगा। अब फिल्म का नाम या तो ‘जानकी वी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल’ या ‘वी जानकी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल’ होगा। इससे यह साफ किया जाएगा कि ये जानकी नाम देवी से नहीं बल्कि मुख्य किरदार जानकी विद्याधरण से जुड़ा है।
दूसरा बदलाव कोर्ट रूम में चल रहे क्रॉस-एग्जामिनेशन सीन से संबंधित है, जिसमें नायिका का नाम म्यूट करने की सलाह दी गई है। इस पर कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं से जवाब मांगा है और आगे की सुनवाई निर्धारित की गई है।
सेंसर बोर्ड की क्षेत्रीय असहमति
इस पूरे विवाद में ये बात भी सामने आई कि मुंबई डिवीजन ने जहां फिल्म पर आपत्ति जताई, वहीं केरल डिवीजन ने बिना किसी बदलाव के फिल्म को पास कर दिया था। इससे ये साफ होता है कि सेंसरशिप के नियम देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रूप में लागू होते हैं, जो फिल्मकारों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।
फिल्म की रिलीज पर पड़ा असर
‘जानकी वर्सेज स्टेट ऑफ केरल’ में सुरेश गोपी और अनुपमा परमेस्वरन मुख्य भूमिका में हैं। ये फिल्म पहले 20 जून को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर विवाद के चलते इसमें देरी हुई। अब जबकि सेंसर बोर्ड ने अपने रुख में नरमी दिखाई है, तो उम्मीद है कि फिल्म जल्द ही दर्शकों तक पहुंचेगी।

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