मां आईसीयू में, लेकिन भारतीय टीम से जुड़ेंगे कोच Gautam Gambhir
नई दिल्ली। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर सोमवार को इंग्लैंड के लिए रवाना होंगे, जहां टीम 20 जून से लीड्स में शुरू हो रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की तैयारियों में जुटी है। गौतम की मां सीमा गंभीर को पिछले सप्ताह बुधवार को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद वह गुरुवार को भारत लौट आए थे। गंभीर की मां की हालत स्थिर है, लेकिन वह अब भी आइसीयू में हैं।
इसके बावजूद गंभीर ने वापस लौटने का निर्णय किया है। ये दिखाता है कि इंग्लैंड का दौरा गंभीर के लिए कितना मायने रखता है और राष्ट्रीय सेवा उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
गौतम गंभीरआज इंग्लैंड के लिए होंगे रवाना
दरअसल, पिछले वर्ष घर पर न्यूजीलैंड से मिली हार और बार्डर-गावस्कर ट्रॉफी हारने के बाद से गंभीर टेस्ट में भारत को जीत दिलाने के लिए जी जान से जुटे हैं। भारतीय टीम 17 जून को लीड्स पहुंचेगी और गंभीर भी उसी दिन टीम के साथ जुड़ेंगे। पहला टेस्ट इसी मैदान पर खेला जाना है। फिलहाल गंभीर की अनुपस्थिति में सहायक कोच रयान टेन डोएशे टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
भारतीय टीम अभी भारत 'ए' के साथ केंट के बेकनहैम मैदान पर अभ्यास मैच खेल चुकी है। यह अभ्यास निर्धारित समय से एक दिन पहले ही खत्म हो गया। रविवार को आलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने शतक जड़ा। सूत्रों ने बताया कि गंभीर 16 जून को इंग्लैंड के लिए रवाना होंगे और एक दिन बाद टीम से जुड़ जाएंगे।
ये सीरीज न केवल नए युवा कप्तान शुभमन गिल, बल्कि कोच गंभीर के लिए भी किसी परीक्षा से कम नहीं होगी। अब जबकि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज टेस्ट से विदा ले चुके हैं। ऐसे में शुभमन गिल की अगुआई में भारत के पास युवा बल्लेबाजी क्रम हैं।
ऋषभ उपकप्तान की भूमिका में हैं और टीम की रीढ़ बनकर उभर रहे हैं। टीम में युवा चेहरों को तरजीह दी गई है। अर्शदीप सिंह और साई सुदर्शन को पहली बार टेस्ट टीम में जगह मिली है, जबकि अनुभवी करुण नायर ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर आठ साल बाद वापसी की है। यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, और खुद कप्तान शुभमन गिल पर बल्लेबाजी का भार होगा, जबकि तेज गेंदबाजी विभाग में अर्शदीप, सिराज और बुमराह जैसे विकल्प होंगे।
अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा इंग्लैंड दौरा
भारतीय टीम का इंग्लैंड में टेस्ट रिकार्ड बेहद निराशाजनक रहा है। अब तक भारत ने इंग्लैंड में 69 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से केवल नौ मैचों में जीत मिली है। टीम को 38 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है जबकि 22 मुकाबले ड्रा रहे हैं।
यह आंकड़े बताते हैं कि इंग्लैंड की परिस्थितियां हमेशा भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रही हैं। भारत ने इंग्लैंड में पिछली टेस्ट सीरीज जीत 2007 में हासिल की थी, जब राहुल द्रविड़ कप्तान थे। उस ऐतिहासिक सीरीज में तेज गेंदबाज जहीर खान ने लार्ड्स मे नौ विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई थी। इसके बाद भारत ने 2011, 2014 और 2018 में सीरीज गंवाईं, जबकि 2021-22 की सीरीज 2-2 से बराबरी पर समाप्त हुई।

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