'विदेश नीति पर छिड़ी बहस: पीएम मोदी के भाषण के बाद एमपी में सियासी घमासान'
भोपाल: पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम के 51 घंटे बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार रात 8 बजे देश को संबोधित किया. अपने 22 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर, संघर्ष विराम, आतंकवाद, सिंधु जल संधि और पीओके पर बात की. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा- हमने हमारी मां-बहनों का सिंदूर पोछने वाले आतंकियों का सफाया कर दिया है. हमारे ऑपरेशन में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकी मारे गए. पीएम ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि 'पाकिस्तान के अनुरोध पर भारत संघर्ष रोकने पर राजी हुआ है. भारत ने सिर्फ पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई स्थगित की है. पाकिस्तान का रवैया आगे की कार्रवाई तय करेगा. हालांकि, अब प्रधानमंत्री के इस संबोधन को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है.'
'22 मिनट के बयान में सिर्फ वही बातें..'
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि, पीएम मोदी ने अपने 22 मिनट के बयान में वही बातें कहीं जो सेना ने अलग-अलग समय पर देश को बताई हैं. देश के लिए चिंता की बात यह है कि ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्वीट करते हैं कि, मैंने दोनों देशों से बात की और दोनों ने युद्ध विराम के लिए सहमति जताई। इसके बाद हमारे विदेश सचिव ने उनकी बात को स्वीकार किया।
पटवारी ने उठाए सवाल:
जीतू पटवारी ने आगे कहा कि, पाकिस्तान ने जिस तरह से दुस्साहस किया है, उसकी हैसियत भारत के सामने खड़े होने की भी नहीं है। उसके बाद भी अमेरिका के राष्ट्रपति का भारत और पाकिस्तान को एक ही जगह खड़ा करने का व्यवहार देश के लिए चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि, जहां तक देश के प्रधानमंत्री का सवाल है, देश के पीएम का पद देश का मुखिया होता है। उनका सम्मान करना हर भारतीय नागरिक का कर्तव्य है। क्या देश की विदेश नीति अमेरिका के हाथ में है? एक बार फिर यह गंभीर सवाल है।

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