राहुल गांधी के संदेश का ही असर है कि भाजपा भी जाति जनगणना कराना चाहती है- कमल नाथ
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने जाति जनगणना को मुद्दा बनाया था, लेकिन कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकी। अब केंद्र की मोदी सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसला किया है। इसको लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने शुक्रवार को एक बार फिर ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि पहले भाजपा जाति जनगणना का विरोध कर रही थी, लेकिन राहुल गांधी पर हमले भी हो रहे थे। राहुल गांधी के संदेश का ही असर है कि भाजपा भी जाति जनगणना कराने के पक्ष में आ गई है।
दो साल से उठ रही मांग
कमल नाथ ने आगे लिखा कि जाति जनगणना भारत में सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पिछले दो साल से इस मांग को जोरदार तरीके से उठा रहे हैं।
पूर्व सीएम ने लिखा है कि राहुल गांधी ने जाति जनगणना के महत्व और समाज के नए ढांचे में इसके उपयोग को लोगों तक पहुंचाया है। उनके संदेश का ही असर है कि अब भाजपा भी जाति जनगणना कराने के पक्ष में आ गई है।
पहले विरोध, फिर पक्ष में
कमलनाथ ने कहा कि यह सर्वविदित है कि भाजपा न केवल जाति जनगणना का विरोध कर रही थी, बल्कि इस मांग को उठाने पर राहुल गांधी पर राजनीतिक हमले भी किए जा रहे थे।
समय सीमा का भी खुलासा करें
कमलनाथ ने कहा कि अब जरूरत है कि सरकार बताए कि वह किस समय सीमा के भीतर जाति जनगणना पूरी करेगी, ताकि देश में सामाजिक न्याय की प्रक्रिया का अगला चरण शुरू हो सके। कमल नाथ ने कहा कि सामाजिक न्याय की इस लड़ाई का नेतृत्व करने के लिए देश की जनता राहुल गांधी के आभारी हैं और हमें उनकी दूरदर्शिता पर गर्व है।
राहुल गांधी के आगे झुकी सरकार
इससे दो दिन पहले बुधवार को कमल नाथ ने कहा था कि देश में जाति जनगणना की मांग सबसे पहले राहुल गांधी ने उठाई थी और आखिरकार भाजपा की केंद्र सरकार को राहुल गांधी की मांग के आगे झुकना पड़ा और जाति जनगणना पर सहमति जतानी पड़ी। नाथ ने कहा था कि राहुल गांधी ने सदन में कहा था कि हम इसी सदन में जाति जनगणना कराएंगे और आज उनकी बात सच साबित हुई है। कमल नाथ ने राहुल गांधी को सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा योद्धा भी बताया था।

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