एमपी के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर शराब बैन, उमा ने सरकार को कहा धन्यवाद
भोपाल
एमपी सरकार शराब बंदी की तरफ कदम बढ़ा रही है, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 16 धार्मिक शहरों में पूर्व शराब बंदी का एलान कर उमा भारती को खुश कर दिया और एक संदेश देने की कोशिश है कि धार्मिक नगरों के लिए सरकार कितनी चिंतित है।
दरअसल उमा भारती शिवराज सरकार के समय मुखर दिखी थीं और शराब के विरोध में दुकान और अहाते में तोड़फोड़ भी की थी , मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 16 धार्मिक स्थलों में पूर्ण शराबबंदी लागू की जायेगी. इसके लिए नई आबकारी नीति वर्ष 2025-26 तैयार हो गई है, सिर्फ अवैध शराब की तस्करी को रोकने के लिए शराब की नीति में 10-15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जायेगी, इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट में लाया जायेगा
वहीं मोहन सरकार सरकार के इस फैसले का उमा भारती ने दिल से स्वागत किया और कहा
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के द्वारा "धार्मिक शहरों में पूर्ण शराब बंदी" अभूतपूर्व निर्णय है, इसके लिए मोहन यादव जी का अभिनंदन।उमा ने लिखा कि दो साल पहले हमारी सरकार के द्वारा घोषित की गई शराब पर प्रतिबंध नीति बहुत ही जनहितकारी एवं व्यवहारिक थी। हम पूर्ण शराबबंदी की ओर ही बढ़ रहे थे। यह पूर्ण शराबबंदी की दिशा में एक और कदम है।
वहीं प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर शराब बंदी के फैसले पर सीएम मोहन यादव बोले
आदरणीय दीदी प्रणाम!
प्रदेश के धार्मिक शहरों में पूर्ण शराब बंदी का निर्णय सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। इससे न केवल धार्मिक श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान होगा, बल्कि समाज को भी सकारात्मक दिशा मिलेगी। आपके आशीर्वचन के लिए धन्यवाद।
क्या धार्मिक महानगरों में शराब पर पूर्णता पाबंदी लग सकेगी
धार्मिक नगरों में शराब बंदी के फैसले को लेकर जानकारों का मानना है कि सनातन और संस्कृति का फायदा है लेकिन सरकार को राजस्व की हानि होगी, आबकारी विभाग की जानकारी रखने वाले पत्रकार पंकज भदौरिया का मानना है कि गुजरात और बिहार की तर्ज पर शराब माफिया का रोजगार बढ़ जाएगा। इससे सरकार को हर महीने करोड़ों का राजस्व हानि होगा ,क्योंकि ऐसे स्थानों पर सरकार अवैध शराब बिकने पर रोक नहीं लगा पाएगी ।
महामाया और काल भैरव का क्या होगा
उज्जैन में भगवान कालभैरव को शराब चढ़ाई जाती है और महामाया देवी को भी शराब का भोग लगाया जाता है , इन धार्मिक स्थलों के बारे में क्या फैसला लिया जाएगा ।
नर्मदा किनारे शराब दुकानें प्रतिबंधित है
शिवराज सरकार ने नर्मदा किनारे शराब नहीं बिकने का फैसला लिया था लेकिन यहां पर जमकर अवैध शराब माफियाओं द्वारा जमकर बेची जाती है , ये फैसला सिर्फ घोषणा वाला रहा ।

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