युद्ध विराम को लेकर मिस्र, ईरान और इटली के विदेश मंत्रियों ने की चर्चा
काहिरा। मिस्र के विदेश मंत्री ने हमास और इजराइल के बीच हाल ही में हुए युद्ध विराम समझौते पर बातचीत कराने के लिए अपने ईरानी और इतावली विदेश मंत्रियों से फोन पर बातचीत की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची से मिस्र के विदेश मंत्री अब्देलती ने कहा कि मिस्र चाहता है कि यह समझौता बिना किसी देरी के लागू हो।
उन्होंने इस बातचीत में गाजा पट्टी के लिए राहत और चिकित्सा सहायता की तत्काल और स्थायी पहुंच के महत्व पर जोर दिया। अराघची ने भी मिस्र के प्रयासों की सराहना की ओर कहा कि गाजा में स्थिरता लाने में मिस्र की अहम भूमिका है। इसके अलावा अब्देलती ने गाजा के पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचे के पुनर्वास और गाजा के लोगों के लिए सुरक्षा बहाल करने में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के महत्व को भी दोहराया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। यह चर्चा लाल सागर में बढ़ते तनाव पर केंद्रित थी।
मिस्र के विदेश मंत्री अब्देलती ने उम्मीद जताई कि युद्ध विराम समझौते से न केवल गाजा में शांति बहाल होगी, बल्कि लाल सागर क्षेत्र में भी तनाव कम होगा, जिससे अंतर्राष्ट्रीय यातायात की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी।
वहीं इतालवी विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी के साथ हुई बातचीत में अब्देलती ने कहा कि मिस्र ने कतर और अमेरिका के साथ मिलकर इस समझौते को हासिल करने के लिए मध्यस्थता की थी। तजानी ने इस समझौते का स्वागत किया और मिस्र के प्रयासों की सराहना की, जिससे युद्ध विराम समझौता सफल हुआ। कतर के पीएम शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने बुधवार को पुष्टि की थी कि दोहा में हमास और इजराइल के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित युद्ध विराम समझौता हो गया है।
इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी के बीच गुरुवार को द्विपक्षीय बैठक हुई थी। इस बैठक में दोनों नेताओं ने गाजा में युद्ध विराम की घोषणा का स्वागत किया और मानवीय सहायता के महत्व पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक और निवेश सहयोग को बढ़ाने पर भी बातचीत की।

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