लॉस एंजिल्स के जंगलों में लगी आग ने मचाई तबाही, 900 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र को लिया अपनी चपेट में
लॉस एंजिल्स: अमेरिका के लॉस एंजेलिस स्थित कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को तबाही के मुहाने पर ला खड़ा किया है. जहां हजारों लोग अपना सब कुछ खोने के बाद सुरक्षित जगहों की तलाश में हैं, वहीं एक अमीर शख्स का सवाल सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना झेल रहा है. उसने कुछ ऐसा कह दिया कि दुनियाभर में वायरल हो गया. असल में लॉस एंजेलिस के प्रशांत पेलिसेड्स इलाके में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी कीथ वासरमैन ने अपने घर को बचाने के लिए ट्विटर पर प्राइवेट फायरफाइटर्स की मांग की. उन्होंने लिखा कि क्या किसी के पास प्राइवेट फायरफाइटर्स का कॉन्टैक्ट है? हमारे घर को बचाने के लिए तुरंत मदद चाहिए. कोई भी कीमत देने को तैयार हूं. यह पोस्ट जल्द ही सोशल मीडिया पर लोगों के गुस्से का शिकार बन गई.
वासरमैन की इस अपील को लोगों ने अमीरों की स्वार्थी मानसिकता का उदाहरण बताया. एक यूजर ने लिखा कि आपकी बीमा पॉलिसी होगी, लेकिन क्या आप चाहते हैं कि जरूरी संसाधन आपके घर के लिए ही लग जाएं, जबकि हजारों लोग अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं?" एक अन्य ने तंज कसा कि पैसों से हर चीज़ खरीदने की कोशिश करते हो, लेकिन इंसानियत शायद नहीं. कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग की भयावहता को सैटेलाइट तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है. 'प्लैनेट लैब्स PBC' द्वारा जारी की गई तस्वीरें आग से जले हुए घरों और आसमान में छाए धुएं को दिखाती हैं. ईटन कैन्यन में 7 जनवरी को शुरू हुई यह आग अब तक हजारों एकड़ जमीन और सैकड़ों घरों को तबाह कर चुकी है. लॉस एंजेलिस के शेरिफ रॉबर्ट लूना ने इसे "एटॉमिक बम गिरने जैसा विनाश" बताया.
लॉस एंजेलिस के फायर डिपार्टमेंट ने बताया कि आग बुझाने के लिए पानी के स्रोत खत्म हो रहे हैं. प्रशांत पेलिसेड्स में हालात इतने खराब हैं कि फायर हाइड्रेंट भी सूख गए हैं. अब तक 30,000 लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं, जबकि 10,000 से ज्यादा इमारतें पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह आग अमेरिका के इतिहास की सबसे महंगी प्राकृतिक आपदा बन सकती है. कुल नुकसान 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसमें 20 अरब डॉलर बीमा कंपनियों के जरिए कवर किए जाएंगे.
यह पहली बार नहीं है जब अमीरों ने अपनी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्राइवेट फायरफाइटर्स का सहारा लिया हो. 2019 से ही कैलिफोर्निया में अमीर लोग इन सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन यह कदम हर बार विवाद खड़ा करता है. यह सवाल उठता है कि क्या पैसे वालों के लिए अलग नियम होने चाहिए, जबकि आम जनता बेसिक सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही हो. वासरमैन ने पहले तो आलोचकों को 'ट्रोल' कहकर मजाक उड़ाया, लेकिन बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने अपना ट्विटर अकाउंट ही डिलीट कर दिया.

जबलपुर में सर्वे अभियान तेज, 29 बंगलों की जमीन पर अटका पेंच
भारत-अफ्रीका संबंधों को मिलेगी नई दिशा, इस महीने होंगे अहम संवाद
बरगी डेम हादसे में नया विवाद, पायलट ने शव ले जाने से किया इंकार
हाईवे पर भीषण हादसा, बस-ट्रक टकराए, कई घायल
केरल नतीजे: पलक्कड़ में कांग्रेस का कब्जा, सुरेंद्रन का ‘कमल’ नहीं खिला
बस में लगी आग से मचा हड़कंप, बड़वानी में सभी यात्री सुरक्षित
गेहूं खरीद व्यवस्था से नाराज किसान, SDM ऑफिस के बाहर धरना
उपचुनाव में सुनेत्रा पवार का जलवा, भारी अंतर से दर्ज की जीत
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: पाकिस्तान से आने वाले निवेश पर लगेगी रोक
“हर राज्य में जनता का भरोसा BJP पर” — जीत के बाद बोले CM मोहन यादव