ईडी-आईटी एक्शन में, लोकायुक्त पड़ा ठंडा
परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा छापा मामला
भोपाल । लोकायुक्त की छापेमारी में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के पास मिली अकूत संपत्ति को देखते हुए ईडी और आयकर विभाग एक्शन मोड में आ गए हैं। केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता को देखते हुए लोकायुक्त की जांच धीमी पड़ गई है। मामले में लोकायुक्त अभी तक सिर्फ सौरभ की मां के बयान ही दर्ज कर पाई है। करीबियों और रिश्तेदार के बयान दर्ज नहीं होने से उसकी बेनामी संपत्ति का राज नहीं खुल सका है। सौरभ शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल वह फरार है। वहीं ईडी और आरकर विभाग ने अपनी जांच-पड़ताल तेज कर दी है।
लोकायुक्त के शिकंजे में फंसे परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक के मामले में ईडी ने सौरभ शर्मा और चेतन सिंह गौर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में सौरभ के परिवार से भी पूछताछ की जाएगी। जांच का दायरा जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे नए-नए खुलासे भी हो रहे हैं। अब सौरभ के बारे में पता चला है कि वह नौकरी छोडऩे के बाद भी परिवहन विभाग में सक्रिय था। अपने लोगों को परिवहन के चेक पोस्टों पर भेजा करता था। हालांकि तब सितंबर 2023 में कुछ अधिकारियों ने इसका विरोध करते हुए जानकारी ऊपर तक भी पहुंचाई थी, लेकिन इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। इनकम टैक्स विभाग ऐसे सभी लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस देकर बुलाने तैयारी की है। इनसे पूछताछ के बाद फिर नए राज खुलेंगे। सभी लोगों से उनके काली कमाई को लेकर पूछताछ होगी। पूरे मामले में लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। लोकायुक्त पुलिस ने अब तक केवल सौरभ की मां से ही पूछताछ की है। सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और करीबियों से लोकायुक्त पुलिस ने पूछताछ नहीं की गई है।
सौरभ के दुबई से आने के बाद होगी पूछताछ
आयकर विभाग की टीम ने बिल्डर के यहां छापेमारी में अहम राजफाश करने के बाद अब सौरभ शर्मा पर फोकस बढ़ा दिया है। दिल्ली से दिशा-निर्देश मिलने के बाद आयकर विभाग ने सोने और 10 करोड़ रुपये की नकदी की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सौरभ के दुबई से भारत आने के बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। आयकर सूत्रों का कहना है कि रातीबड़ में एक फार्म की जमीन पर खड़ी कार से जब्त सोना और रुपये को लोकायुक्त को वापस करने की चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। आला अधिकारियों की बैठक के बाद रकम को होल्ड करने का फैसला लिया गया है। जब तक सोने की पूरी जानकारी नहीं मिल जाती है, तब तक रकम और सोना आयकर विभाग के पास ही रहेगा।
अभी तक सिर्फ मां के बयान
लोकायुक्त जांच अधिकारी वीरेंद्र सिंह सौरभ के घर पहुंचे। जहां उन्होंने उसकी मां उमा के बयान दर्ज किए। लेकिन सौरभ के करीबियों व रिश्तेदारों से फिलहाल पूछताछ नहीं हो पाई है। अधिकांश रिश्तेदार व दोस्त फोन बंद कर परिवार समेत गायब हो गए हैं। लोकायुक्त के ढिलमुल रवैया के कारण अधिकांश ने सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिए, जिससे पुलिस उन तक न पहुंच सके। सौरभ शर्मा और उसके करीबी चेतन सिंह गौर के घर पर लोकायुक्त की टीम ने 18 दिसंबर को छापा मारा था। 12 दिन बाद सिर्फ उसकी मां के बयान हुए हैं। सूत्रों की माने तो छापे में पुलिस को 20-30 रजिस्ट्रियां मिली हैं। इनके बारे में पूछताछ होनी है कि यह बेनामी हैं या नहीं। जिनके नाम संपत्ति है, पहले उनसे पूछताछ की जाएगी। अगर, वह कहते हैं कि संपत्ति की कीमत सौरभ ने चुकाई थी, उपयोग भी वह या उसके परिजर कर रहे थे तो इन्हें बेनामी की श्रेणी में रखा जाएगा। लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा, पत्नी दिव्या, मां उमा शर्मा, करीबी शरद जायसवाल और चेतन सिंह गौर को पूछताछ के लिए समन जारी कर चुकी है, लेकिन सिर्फ बयान मां के दर्ज किए गए।
आयकर करेगी 50 लोगों से पूछताछ
मामले में जांच कर रही दूसरी एजेंसी आयकर विभाग ने 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की तैयारी की है। इनमें सौरभ समेत उसके करीबी, रिश्तेदार व दोस्त शामिल हैं। जिनके नाम पर सौरभ ने बेनामी संपत्ति खरीदी है। यह चल- अचल दोनों संपत्ति है। सौरभ के अलावा शरद जायसवाल के नाम भी अचल संपत्ति खरीदी गई है। जब तक दोनों से पूछताछ नहीं होती तो सच्चाई सामने नही आएगी। सौरभ के करीबी चेतन गौर ने ईडी और आयकर में बयान दर्ज करा दिए हैं, पर लोकायुक्त पुलिस ने उससे भी अभी तक पूछताछ नहीं की है। जिस कार में 54 किलो सोना और लगभग 11 करोड़ रुपए नकद मिले थे, वह चेतन के नाम ही थी। मामले में शरद जायसवाल, जबलपुर निवासी सौरभ के रिश्तेदार रोहित तिवारी और ग्वालियर में उसके करीबियों से पूछताछ की जाएगी। मामले में कुछ सेवानिवृत आईएएस अधिकारी, व्यवसायी और सौरभ के कर्मचारियों से पूछताछ होगी। ईडी ने भी सौरभ और उसके करीबियों के यहां आठ स्थानों पर पिछले सप्ताह छापेमारी की थी। इसके बाद संबंधितों को पूछताछ के नोटिस जारी करने की तैयारी की है।

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